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भेल से हर साल रिटायर हो रहे दो सौ से ज्यादा कर्मचारी

कॉन्टेक्ट के कर्मचारियों से चल रहा भेल कारखाना, स्थाई भर्ती पर अघोषित रोक

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भेल से हर साल रिटायर हो रहे दो सौ से ज्यादा कर्मचारी

भेल/भोपाल। भोपाल भेल कारखाना कॉन्टेक्ट के कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। स्थाई कर्मचारियों की भर्ती पर लंबे समय से अघोषित रोक लगी है और पुराने कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं। नतीजा, स्थाई कर्मचारियों की संख्या कम होती जा रही है। 50 साल पहले भेल में स्थाई कर्मचारी और अधिकारियों की संख्या करीब 22 हजार थी, वहीं अब यह संख्या साढ़े पांच हजार रह गई है।

भेल की यूनियनों की माने तो स्थाई कर्मचारियों की संख्या कम होने का असर न केवल मुनाफे पर पड़ रहा है, बल्कि प्रोडेक्ट की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। स्थाई कर्मचारी कॉन्टेक्ट के कर्मचारी से ज्यादा जिम्मेदारी से काम करता है। भेल को स्थाई कर्मचारियों की भर्ती करना चाहिए। भेल कारखाने से हर साल 200 से 220 कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं। हर महीने 18 से 24 कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं।

सुविधा और सेलरी में कटौती
भेल प्रबंधन को ठेकेदार से अस्थाई कर्मचारी 10 से 15 हजार रुपए प्रतिमाह पर मिल जाता है। प्राइवेट कर्मचारी को सुविधाएं भी ज्यादा नहीं देनी पड़ती हैं। स्थाई कर्मचारी की भर्ती 30 से 40 हजार रुपए प्रति महीने पर करनी पड़ती है। स्थाई कर्मचारी को सेवा शर्त के हिसाब से दूसरी सुविधाएं भी सरकार के नियमों के हिसाब से देनी पड़ती हैं। सुविधा और सैलरी के चक्कर में भेल प्रबंधन स्थाई कर्मचारियों की भर्ती करने के बजाय अस्थाई कर्मचारियों से काम चला रहा है।

यूनियन लंबे समय से कर रही हैं मांग
भेल की यूनियन लंबे समय से कारखाने में स्थाई कर्मचारियों की भर्ती करने की मांग कर रही हैं। बीएमएस के उपाध्यक्ष सतेन्द्र कुमार ने बताया कि यूनियन इस संबंध में लिखित प्रतिवेदन प्रबंधन को दे चुकी है, लेकिन प्रबंधन ने स्थाई कर्मचारियों की भर्ती पर अघोषित रोक लगा रखी है। दूसरी तरफ एेबू के आशीष सोनी ने बताया कि उनकी यूनियन भी लंबे समय से स्थाई कर्मचारियों की भर्ती करने की मांग कर रही है।