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27 साल बाद दिवाली पर रहेगा ‘सूर्यग्रहण’ का साया, ये है लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

धार्मिक अनुष्ठानों पर नहीं होगा असर....

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भोपाल। देश में 27 साल बाद दीपोत्सव पर सूर्य ग्रहण का साया रहेगा। लक्ष्मी पूजा के अगले दिन सूर्य ग्रहण पड़ेगा। इसलिए गोवर्धन पूजा दूसरे दिन होगी। चूंकि ग्रहण दिवाली के अगले दिन पड़ेगा, इसलिए सूतक मध्यरात्रि के बाद से शुरू हो जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य ग्रहण के कारण लक्ष्मी पूजन पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं, 8 नवंबर को देव दिवाली पर चंद्र ग्रहण का असर रहेगा।

पं. रामनारायण आचार्य ने बताया, 25 अक्टूबर को ग्रहण का स्पर्श शाम 4:41 बजे होगा। मध्य 5:37 बजे और मोक्ष शाम को 6:32 मिनट पर होगा। ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले 24 अक्टूबर की मध्यरात्रि से शुरू होगा। यह ग्रहण भोपाल सहित देशभर में दिखाई देगा।

ज्योतिष मठ संस्थान के पं. विनोद गौतम ने बताया कि वर्ष 1995 में दिवाली के दिन सूर्य ग्रहण पड़ा था। इस प्रकार 27 साल बाद इस तरह की स्थिति निर्मित हुई है। इसके बाद देव दिवाली यानी कार्तिक पूर्णिमा के दिन 8 नवंबर को चंद्र ग्रहण रहेगा। ज्योतिषाचार्य जगदीश शर्मा के अनुसार सूर्य ग्रहण का असर दिवाली पर नहीं पड़ेगा। चतुर्दशीयुक्त अमावस्या के दिन इस बार दिवाली मनेगी।

अन्य देशों में भी देखा जा सकेगा ग्रहण

सूर्य ग्रहण देखने के लिए एक्लिप्स ग्लास का इस्तेमाल करें। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाएगा। चंद्रमा की परछाई पृथ्वी पर पड़ेगी और कुछ देर के लिए सूर्य का प्रकाश कम दिखाई देगा। भारत के अधिकांश हिस्सों में ग्रहण के साथ सूर्य अस्त हो जाएगा। यूरोप, पाकिस्तान, अफगानिस्तान आदि देशा में भी ग्रहण देखा जा सकेगा।

खण्डग्रास सूर्य ग्रहण का समय

समस्त भूमंडल पर : दोपहर 2.28 बजे से प्रारंभ
ग्रहण मध्य : 4.30 बजे
ग्रहण समाप्त : शाम 6.32 बजे

दीपावली पूजन का मुहूर्त

सर्वश्रेष्ठ समय : प्रदोष काल सायं 5.47 से रात्रि 8.21 बजे तक