नरेन्द्र वर्मा
भीलवाड़ा. सड़क हादसे में एक पैर फेक्चर होने के बाद नौकरी गंवाने से आहत जवाहर नगर के विजेन्द्र पायक ने बेरोजगारी से त्रस्त हो कर एेसा कदम उठाया की शुक्रवार सुबह लोगों के दिल कांप गए और परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। शनिवार सुबह जब जवाहरनगर मोक्ष धाम में विजेन्द्र व उसके तीन वर्षीय पुत्र दक्ष का अंतिम संस्कार किया गया तो हर किसी की आंख नम थी।
भीलवाड़ा. सड़क हादसे में एक पैर फेक्चर होने के बाद नौकरी गंवाने से आहत जवाहर नगर के विजेन्द्र पायक ने बेरोजगारी से त्रस्त हो कर एेसा कदम उठाया की शुक्रवार सुबह लोगों के दिल कांप गए और परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। शनिवार सुबह जब जवाहरनगर मोक्ष धाम में विजेन्द्र व उसके तीन वर्षीय पुत्र दक्ष का अंतिम संस्कार किया गया तो हर किसी की आंख नम थी।
चित्तौडग़ढ़ जिले के सांवलियाजी चौराहा क्षेत्र में भीलवाड़ा के जवाहरनगर निवासी विजेन्द्र पायक के पुत्र दक्ष की हत्या के बाद फांसी झूलने की की घटना की जानकारी पर शुक्रवार सुबह जवाहर नगर में परिजनों के होश उड़ गए। देर शाम शव जवाहर नगर पहुंचे तो सुध-बुध खो उठे। मृतक के पिता एक वर्ष पहले रिजर्व पुलिस लाइन से मेजर हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए। माना जा रहा है कि तीन माह से बेरोजगार विजेन्द्र आर्थिक रूप से परेशान था। वर्ष २०१७ सड़क हादसे में उसका एक पैर फेक्चर हो गया था और उसमे रॉड डाल रखी थी। इस कारण से वो ठीक से काम नहीं कर पा रहा था।
प्रतापनगर पुलिस चौकी के पीछे की गली में रहने वाले सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी रामेश्वरलाल पायक का पुत्र विजेन्द्र (३२) गुरुवार रात से तीन साल के बेटे दक्ष (कालू) के साथ लापता था। परिजनों, रिश्तेदारों व दोस्तों ने देर रात तक शहर के विभिन्न हिस्सों में पिता-पुत्र की तलाश की, लेकिन दोनों का पता नहीं चला। परिजन फिर सुबह उसकी तलाश में निकले।
थाने में पड़ोसी को मिली सूचना
सुबह साढ़े नौ बजे प्रतापनगर थाने में भादसौड़ा पुलिस ने दो शव मिलने और घटनास्थल पर मोटरसाइकिल मिलने की जानकारी दी। मोटरसाइकिल के नम्बर विजेन्द्र पायक के नाम से पंजीकृत होने की भी सूचना को प्रतापनगर थाने में विजेन्द्र के पड़ोसी हैड कांस्टेबल मोहम्मद इरफान ने गंभीरता से लिया। इरफान ने रामेश्वर को घटना से अवगत कराया। रामेश्वर के साथ ही विजेन्द्र के दोनों छोटे भाई भी इरफान के साथ मंडपिया के लिए रवाना हो गए। घर में महिलाओं को विजेन्द्र के सड़क हादसे में घायल होने की बात बताई। दोपहर में रामेश्वर लाल वहां पहुंचे तो विजेन्द्र व पोते के शव देख चीख पड़े।
सुबह साढ़े नौ बजे प्रतापनगर थाने में भादसौड़ा पुलिस ने दो शव मिलने और घटनास्थल पर मोटरसाइकिल मिलने की जानकारी दी। मोटरसाइकिल के नम्बर विजेन्द्र पायक के नाम से पंजीकृत होने की भी सूचना को प्रतापनगर थाने में विजेन्द्र के पड़ोसी हैड कांस्टेबल मोहम्मद इरफान ने गंभीरता से लिया। इरफान ने रामेश्वर को घटना से अवगत कराया। रामेश्वर के साथ ही विजेन्द्र के दोनों छोटे भाई भी इरफान के साथ मंडपिया के लिए रवाना हो गए। घर में महिलाओं को विजेन्द्र के सड़क हादसे में घायल होने की बात बताई। दोपहर में रामेश्वर लाल वहां पहुंचे तो विजेन्द्र व पोते के शव देख चीख पड़े।
पत्नी हो बेसुध, मां की बिगड़ी हालत
शव शाम पौने सात बजे शव जवाहनगर लाए जाने पर कोहराम मच गया। विजेन्द्र की पत्नी डिम्पल बेसुध हो गई व मां की हालत बिगड़ गई। पापा विजेन्द्र का शव देख कर पांच वर्षीय पुत्री बिट्टू बिलखने लगी। मृतक के पिता रामेश्वर भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे, वो भी बिलख बिलख कर बेटे व पोते को याद कर रहे थे।
शव शाम पौने सात बजे शव जवाहनगर लाए जाने पर कोहराम मच गया। विजेन्द्र की पत्नी डिम्पल बेसुध हो गई व मां की हालत बिगड़ गई। पापा विजेन्द्र का शव देख कर पांच वर्षीय पुत्री बिट्टू बिलखने लगी। मृतक के पिता रामेश्वर भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे, वो भी बिलख बिलख कर बेटे व पोते को याद कर रहे थे।
माताजी के जाने की कहकर निकला
विजेन्द्र गुरुवार शाम माताजी के यहां बेटे को धोक लगाने की बात कहकर घर से निकला था। अपना मोबाइल पत्नी डिम्पल के पास छोड़ गया था। विजेन्द्र ने गुरुवार शाम ही अपने साथियों को बताया था कि उसने नया काम ढूंढ लिया है और शुक्रवार से ऑफिस जाना शुरू करेगा।
विजेन्द्र गुरुवार शाम माताजी के यहां बेटे को धोक लगाने की बात कहकर घर से निकला था। अपना मोबाइल पत्नी डिम्पल के पास छोड़ गया था। विजेन्द्र ने गुरुवार शाम ही अपने साथियों को बताया था कि उसने नया काम ढूंढ लिया है और शुक्रवार से ऑफिस जाना शुरू करेगा।
अब रह गई बेटी
विजेन्द्र के दो अन्य छोटे भाई है। एक बहन है, जो कि दिल्ली में है। अंतिम संस्कार शनिवार सुबह किया गया। घर में नहीं चलने दिया पता
रिश्तेदारों ने मृृतक की पत्नी व मां समेत परिवार की अन्य महिला सदस्यों को घटना की जानकारी शवों के पहुंचने से कुछ देर पहले दी गई। इससे पहले क्षेत्र के लोगों व विजेंद्र के मित्रों ने घटना की जानकारी घर में नहीं पहुंच पाए, इसके लिए किसी को घर के अंदर नहीं जाने दिया।
विजेन्द्र के दो अन्य छोटे भाई है। एक बहन है, जो कि दिल्ली में है। अंतिम संस्कार शनिवार सुबह किया गया। घर में नहीं चलने दिया पता
रिश्तेदारों ने मृृतक की पत्नी व मां समेत परिवार की अन्य महिला सदस्यों को घटना की जानकारी शवों के पहुंचने से कुछ देर पहले दी गई। इससे पहले क्षेत्र के लोगों व विजेंद्र के मित्रों ने घटना की जानकारी घर में नहीं पहुंच पाए, इसके लिए किसी को घर के अंदर नहीं जाने दिया।