भीलवाड़ा. पेयजल लाइन में सीवरेज का गंदा पानी आने से गुस्साए संजय कॉलोनी के बाशिंदों ने शुक्रवार को यहां कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। बोतलों में गंदा पानी लेकर आए नागरिकों ने ढोल बजाकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने मटकियां फोड़कर विरोध जताया। लोगों का कहना था कि एक माह से वार्ड 35, 36, व 37 के लगभग 500 घरों में नलों से सीवरेज का दूषित पानी आ रहा है। लोगों का कहना था कि आरयूआईडीपी व जलदाय विभाग बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं।
श्रीगेस्ट हाउस चौराहे पर शुक्रवार सुबह नगर परिषद सभापति राकेश पाठक, पार्षद कैलाश मूंदड़ा, सागर पांडे एवं सुशीला जैन की अगुवाई में बड़ी संख्या में महिलाओं समेत सैकड़ों लोग वाहन रैली के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे और नारे लगाई। अधिकारियों को दिखाने के लिए बोतल व अन्य बर्तनों में गंदा पानी लाए। प्रदर्शनकारी कलक्ट्रेट में घुस गए लेकिन फिर अतिरिक्त जाप्ता बुलाकर इन्हें मुख्य द्वार से बाहर भेजा। इसके बाद कलक्ट्रेट का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। क्षेत्रवासियों का कहना था कि सीवरेज का पानी उनके टैंकों में जा रहा है। अधिकारी यहां आएंगे, तभी ज्ञापन देंगे।
एसडीएम ने दिया आश्वासन
लोगों के विरोध के बाद उपखंड अधिकारी विनोद कुमार कलक्ट्रेट के मैन गेट पर आए और लोगों से बातचीत कर ज्ञापन लिया। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। इस दौरान कलक्ट्रेट में भारी पुलिस जाप्ता तैनात था।
तीन वार्डों के 500 घरों में समस्या
संजय कॉलोनी के तीनों वार्ड के लगभग 500 घरों में सीवरेज का पानी जलदाय विभाग की पाइप लाइन में मिक्स होकर आ रहा। लोगों का कहना है कि घरों में कोई न कोई व्यक्ति उल्टी दस्त, चर्म या अन्य रोग से ग्रस्त है। आरयूआईडीपी ने सीवरेज के हाउस कनेक्शन शुरू किए, तब से समस्या है।
लोग बोले-सुविधा बनी दुविधा
लोगों ने कहा कि सीवरेज सुविधा के बजाय दुविधा बन चुकी है। सीवेरज निर्माण ने शहर की स्वच्छता, सुंदरता, स्वास्थ्य बिगाड़ दी। सीवरेज के चैम्बर हादसों की वजह बन रहे हैं। इस दौरान तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत का काम घटिया ढंग से किया गया है। सीवरेज लाइनों में रिसाव हो रहा है।
इनका कहना है
पानी की लाइनें काफी पुरानी है। इनमें कई टूट चुकी है। इन पेयजल लाइनों में सीवरेज नहीं बल्कि नालियों का पानी आ रहा है। जलदाय विभाग यह पता लगा रहा है कि नालियां किस क्षेत्र में पेयजल लाइन के साथ मिल रहा है। सीवरेज के कुछ चैंबर बंद थे, जिन्हें साफ करा दिया है। रवींद्र मीणा, अधिशासी अभियंता, आरयूआईडीपी