वस्त्रनगरी की जीवन रेखा कहलाने वाले मेजा बांध को भरने के लिए चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया बांध से शनिवार को पानी छोड़ा गया। यह पानी करीब साठ घंटे बाद मेजा बांध पहुंचेगा। अभी मेजा बांध में सात फीट पानी है। मेजा बांध में पानी आने पर पेयजल के साथ सिंचाई का बंदोबस्त हो सकेगा। इससे आमजन के साथ किसानों में खुशियों का माहौल है। वर्तमान में मेजा बांध में 14 फीट पानी पेयजल के लिए रिजर्व रखने का प्रावधान है। उसके बाद शेष पानी नहरों में छोड़ा जाता हैं।
जानकारी के अनुसार राजसमंद जिले में नंदसमंद बांध भरते ही उसके गेट खोलने से मातृकुंडिया बांध शनिवार रात लबालब हो गया। बांध की क्षमता 22.57 फीट है। बांध छलकने पर जल संसाधन विभाग ने रविवार दोपहर एक बजे मेजा फीडर और गेट खोलने का निर्णय किया। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना व चित्तौड़गढ़ के जिला कलक्टर अरविंद पोसवाल ने मातृकुंडिया बांध के गेटों का पूजन कर चार गेट एक मीटर तक खोले। मेजा फीडर को शाम सवा चार बजे खोला गया। गेट खुलते ही फीडर में पानी दौड़ लगाने लगा। मातृकुण्डिया बांध के कनिष्ठ अभियंता धीरज बेनीवाल ने बताया कि फीडर में 58 किमी सफर तय कर पानी साठ घंटे बाद मेजा बांध पहुंचेगा। बांध में भी पानी की आवक जारी है। जब तक पानी की आवक रहेगी तब तक गेट खुले रहेंगे। अभी मातृकुंडिया बांध में 1188 एमसीएफटी पानी है। 433 एमसीएफटी पानी बांध में रिजर्व रखा जाएगा। 755 एमसीएफटी पानी छोड़ा जाएगा। मेजा बांध में पानी आने में अभी दो दिन लगेगा। इससे पहले रास्ते में एनीकट भरेंगे। पानी चोरी रोकने के लिए पुलिस अलर्ट है।