भीलवाड़ा

Bhilwara news : पुलिस का खुफिया तंत्र बजरी माफिया को सूचना देने से नहीं चूक रहा

अवैध खनन करने वाले और साजिश में शामिल नहीं बचेंगे खनिज व राजस्व विभाग की ओर से कराया जा रहा नदियों का सर्वे

2 min read
Mar 17, 2025
The police intelligence system is not failing to give information to the gravel mafia

Bhilwara news : भीलवाड़ा जिले की बनास व कोठारी नदी से बजरी का अवैध खनन करने वाले माफियों को बक्शा नहीं जाएगा। कलक्टर के निर्देश पर खनिज व राजस्व विभाग की ओर से नदियों का सर्वे करवाया जा रहा है। इसके लिए टीमों का गठन किया है। यह टीम जहां लीज नहीं है और अवैध खनन हो रहा है तो उस क्षेत्र की पुलिस के खिलाफ भी रिपोर्ट देगा ताकि प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकें। उधर, जहां लीज है इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि खनन करने नहीं दे रहे है। इससे अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है।

राजस्थान पत्रिका की ओर से बजरी का अवैध खनन को लेकर चलाए जा रहे अभियान के बाद कलक्टर जसमीत सिंह संधू व पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्रसिंह यादव के निर्देश पर विशेष अभियान चलाकर बजरी माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। कलक्टर के निर्देश पर खनिज व राजस्व विभाग बनास, कोठारी, खारी तथा मानसी नदी में जहां भी अवैध खनन होने की सूचना मिल रही है उसकी सर्वे रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है।

यहां हो रहा बजरी का अवैध दोहन

भीलवाड़ा तहसील के हमीरगढ़, कान्याखेड़ी, मंगरोप, धांगड़ास, कलुंदिया, बड़लियास, मांडलगढ़, काछोला, जहाजपुर, पंडेर, बागौर-अमरगढ़, रायपुर-सहाड़ा, आसींद, फूलियाकलां, हुरड़ा क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है। खनिज विभाग का कहना है कि भीलवाड़ा जिले में सभी नदियां लगभग 300 किलोमीटर लंबी है। इनकी निगरानी करने के लिए उनके पास पर्याप्त स्टॉफ व फोरमैन तक नहीं है। भीलवाड़ा में अधीक्षण खनिज अभियंता विजिलेंस तो लगा रखा है, लेकिन उनके पास न वाहन न फोरमैन है। जबकि उनके पास भीलवाड़ा, चितौड़गढ़, ब्यावर, गंगापुर, पाली जिला है।

पुलिस साथ दे तो अवैध खनन पर लगे अंकुश

खनिज विभाग के अधिकारी का कहना है कि अगर पुलिस खनिज विभाग का साथ दे तो बजरी का अवैध खनन पर अंकुश लगाया जा सकता है। पिछले दिन से मंगरोप क्षेत्र में अवैध खनन पर अंकुश लगा है। लेकिन दूसरी क्षेत्रों में अवैध खनन जोरों पर है।

रायपुर में नहीं होने दिया जा रहा खनन

रायपुर क्षेत्र में खनिज विभाग ने बजरी की लीज दे रखी है। यह लीज 24 मई 2024 से 9 जुलाई 2027 तक की है। लेकिन क्षेत्र के जनप्रतिनिधि बजरी का वैध खनन नहीं होने दे रहे। इसके कारण यहां से अवैध रूप से बजरी का दोहन हो रहा है। इसके चलते सरकार को रॉयल्टी तक नहीं मिल रही। जबकि जिले में जहां लीज नहीं है वहा धड़ल्ले से बजरी का अवैध खनन हो रहा।

Published on:
17 Mar 2025 10:23 am
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