
Education department will provide financial help to children of teachers
Bhilwara news : प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब उप प्राचार्य नहीं होंगे। शिक्षा विभाग ने उप प्राचार्य पद को डाइंग कैडर घोषित करने की तैयारी कर ली है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने उप प्राचार्य के पद सृजित किए थे, जिन्हें अब भाजपा सरकार ने फिर समाप्त कर दिए है। अब प्राचार्य के रिक्त पदों को उप प्राचार्य को पदोन्नत कर भरा जा सकेगा।
शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में सृजित किए उप प्राचार्य के पद को डाइंग कैडर घोषित का निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पिछले साल दिसबर में हुई विभाग की समीक्षा बैठक में किया था। इसके आधार पर उप प्राचार्य पदों पर कार्यरत सभी कार्मिकों की प्राचार्य पदों पर पदोन्नति कर इन पदों को डाइंग कैडर घोषित किया जाएगा। इससे पहले भी भाजपा सरकार के समय स्कूलों में उप प्राचार्य के पदों को समाप्त कर दिया था। लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय फिर से उप प्राचार्य के 12421 पद स्वीकृत कर दिए। अब फिर इन पदों को समाप्त करने की तैयारी कर ली है। इस पद को डाइंग कैडर घोषित करने से भविष्य में स्कूलों में उप प्राचार्य का कोई पद नहीं रहेगा। उप प्राचार्य पद को डाइंग घोषित कर शैक्षणिक कार्यों के लिए व्याख्याता अथवा वरिष्ठ अध्यापकों के पद भरने का निर्णय लिया। इसमें शिक्षा विभाग के विभिन्न अध्यापकों का कॉप्रिहेंसिव पिरामिड वित्त विभाग से साझा कर आवश्यकता अनुसार परीक्षण कर कार्यवाही का निर्णय लिया है। सरकारी स्कूलों में 17 हजार 785 प्रधानाचार्य के पद स्वीकृत हैं। इनमें से 42 प्रतिशत यानी 7 हजार 489 पद रिक्त है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की ओर से बिना प्रशासनिक आवश्यकता के 12 हजार 421 उप प्राचार्यों के पद सृजित कर दिए। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। वर्तमान में उप प्राचार्य के 61 प्रतिशत यानी 7 हजार 521 पद रिक्त हैं। उप प्राचार्य को पदोन्नत करने से प्रधानाचार्य के रिक्त पदों को भरा जा सकेगा।
Published on:
17 Mar 2025 09:54 am
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