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टैरिफ का किसी भी रूप में आना नुकसानदायक, सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए

- टैरिफ को लेकर उद्यमियों से पत्रिका का टॉक शो

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Any form of tariff is harmful, government should take strict measures

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अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भले ही 90 दिनों के लिए ‘टेरेबलटैरिफ’ को स्थगित कर दिया है, लेकिन भीलवाड़ा के व्यापारियों का मानना है कि टैरिफ का किसी भी रूप में आना नुकसानदायक है। अमरीका ने एक बार तो टैरिफ स्थगित कर राहत दी, लेकिन यह समस्या का़ अंत नहीं है। केंद्र सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे व्यापारियों को नुकसान न हो और उनका उद्योग भी प्रभावित न हो। टैरिफ का भीलवाड़ा टेक्सटाइल उद्योग को फायदा होगा। उद्यमियों ने केंद्र सरकार की योजना के साथ व्यापार के अन्य रास्ते तलाशने पर जोर दिया। इस मुद्दे पर राजस्थान पत्रिका ने उद्यमियों से संवाद किया तो यह बात सामने आई।

टेक्सटाइल सेक्टर को होगा फायदा

टैरिफ का टेक्सटाइल उद्योग को छोड़कर अन्य उद्योगों पर प्रभाव पड़ेगा। अमेरीका ने इसकी घोषणा की थी। उसी दिन से कपड़ा उद्यमियों में उत्साह है। फिलहाल सभी पुराने ऑर्डरों को पूरा करने में लगे है। अभी नया ऑर्डर मिलने में थोड़ा समय लगेगा। लेकिन भविष्य में फायदा होगा। टैरिफ से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। क्योंकि अन्य देशों से उद्योग भारत में लग सकते है। उद्यमियों का कहना है कि टैरिफ लगाना विश्व व्यापार के नियमों का उल्लंघन है। एक देश की हठ धर्मिता से पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था डगमगाई है। सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए। अभी पूरे विश्व का व्यापार एक मंच पर है। टैरिफ लगाने से विश्व में जो व्यापार की सुगमता है , वह खत्म हो जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में धाक जमाने के लिए टैरिफ कार्ड खेला

अंतरराष्ट्रीय बाजार में धाक जमाने के लिए टैरिफ का कार्ड खेला गया। अमेरीका एवं चीन की बाजारवाद पर हावी होने की लड़ाई से भारत के बाजार में उतार-चढ़ाव निश्चित रहेगा। केंद्र सरकार को अभी से इस मामले पर कठोर फैसला लेना होगा। हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था पर फर्क नहीं आएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार आपदा में अवसर तलाशने चाहिए। टैरिफ से देश में अनिश्चितता का माहौल है। अन्य देशों के मुकाबले भारत में टैरिफ कम है इसका फायदा मिलेगा। बाजार स्थिर नहीं है। 90 दिन की छूट कोई समाधान नहीं है। परिणाम क्या होगा यह कहना थोड़ा जल्दबाजी होगी।

इन्होंने लिया चर्चा में हिस्सा

व्यापारी अनिल चौधरी, राजस्थान जन मंच अध्यक्ष कैलाश सोनी, व्यवसायी रामपाल सोनी, स्टील व्यापारी आलोक पोखरना, व्यापारी दीपेश नेनावटी, भीलवाड़ा इलेक्ट्रीक एसोसिएशन अध्यक्ष सज्जन सिंह मेहता, भीलवाड़ा इलेक्ट्रीक एसोसिएशन महासचिव हर्षित बाबेल, इलेक्ट्रीक व्यापारी मोहनलाल लुधानी, व्यापारी अर्पित बोहरा, गाडरी विकास संस्थान उपाध्यक्ष कैलाश गाडरी, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी राजेश पोखरना ने चर्चा में हिस्सा लिया।