यह भी देखें : जयपुर से भरतपुर पेशी पर आ रहे हार्डकोर अपराधी कुलदीप जघीना को गोलियों से भूना
कृपाल सिंह जघीना हत्याकांड में बुधवार को जयपुर जेल में बंद सभी आरोपियों को भरतपुर न्यायालय में पेश होना था, वैसे अक्सर पुलिस की ओर से जयपुर से ही बदमाशों को पुलिस वैन से लाया जाता था, लेकिन संख्या कम होने से दोनों को रोडवेज बस से पुलिसकर्मी ला रहे थे। जहां रोडवेज बस चालक ने टोल प्लाजा पर रसीद कटवाने के लिए बस को रोका तो निकलते ही एक बाइक व स्कार्पियो सवार बदमाशों ने मिर्च झोंकने के बाद फायरिंग शुरू कर दी। इसमें अपराधी कुलदीप जघीना की मौके पर ही मौत हो गई।
कौन है कुलदीप जघीना
भाजपा नेता कृपाल सिंह जघीना की 4 सितम्बर 2022 की रात को जघीना गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें मुख्य आरोपी गैंगस्टर कुलदीप जघीना को 11 सितंबर को पुलिस ने गोवा जाते समय धर दबोचा। कुलदीप के साथ अन्य चार जनों को भी गिरफ्तार किया था। कुलदीप जघीना एवं कृपाल जघीना में वर्चस्त की लड़ाई थी। काली की बगीची पर जमीन को लेकर दोनों में ठन गई थी। इस पर कुलदीप सहित अन्य आरोपियों ने कृपाल पर घर जाते समय गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उस समय बदमाश को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया था।
पुलिस की बड़ी चूक…इसलिए
सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले कुछ समय से लगातार शहर में अपराध की वारदात बढ़ रही है। गैंगवार की वारदातों से इंकार ही नहीं किया जा सकता है, लेकिन हकीकत यह है कि कमजोर पुलिसिंग का फायदा बदमाशों को मिल रहा है। यही कारण है कि अक्सर शहर में गैंगवार की घटनाएं हो रही है। जबकि पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। कभी बदमाश के पैर में चोट लगने पर उसे सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटी जाती है तो कभी छिटपुट घटनाओं पर कार्रवाई का दम दिखाकर अपराध रोकथाम का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि भरतपुर पुलिस की कमजोर पुलिसिंग जिले के चार मंत्री व तीन विधायकों से भी छिपी नहीं है।