भरतपुर. शहर में गुरुवार को उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब भीम आर्मी के सैकड़ों पदाधिकारी ने एसपी ऑफिस का घेराव करने का निर्णय लेकर कूच कर दिया। इससे पहले कार्यकर्ता विश्वप्रिय शास्त्री पार्क में एकत्रित हुए।
एसपी कार्यालय पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने प्रवेश करने स ेरोक दिया। इसको लेकर पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच छिटपुट कहासुनी भी हो गई। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष प्रवीण कबीर ने बताया कि अटलबंध थाने में कार्यरत पुलिसकर्मी धर्मेंद्र ने गणतंत्र दिवस वाले दिन वाट्सअप ग्रुप पर बाबा साहेब के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। इसकी शिकायत अटलबंद थाने में दर्ज कराई गई, लेकिन उसके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई। जब भीम आर्मी ने पुलिस पर दबाव बनाया और शिकायत पुलिस के उच्च अधिकारियों से की तो उसके बाद पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई तक नहीं की गई। पुलिस का कहना था कि यह सोशल मीडिया का मुद्दा था, उसके बाद भी इस मामले में आईटी धारा तक नहीं जोड़ी गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मी को निलंबित किया जाए। रूपवास के अंदर एक बच्ची को लापता हुए 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक उसे बरामद तक नहीं कर पाई है। सेवर थाना इलाके के अंदर एक बारात को नहीं चढऩे दिया, उसमें सिर्फ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में बाकी की गिरफ्तारी की जाए। बयाना थाना इलाके में एक महिला से बलात्कार की घटना हुई थी। इस घटना के आरोपों को भी अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। अगर जल्द ही पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो महापड़ाव डाला जाएगा। प्रदर्शन में भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष साहब सिंह, पंचायत समिति सदस्य दिगंबर सिंह, महिला मोर्चा भीम आर्मी जिलाध्यक्ष जसवंत, शहर अध्यक्ष कुसुमलता, जिला प्रभारी कन्हैया कुमार, शिवम सिंह, पवन कुमार, नगर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष हरीश आदि थे।