
डीग। परीक्षाएं ही जीवन नहीं है। सफलता असफलता तो मिलती रहती है। हर असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है। पहली सीढी में ही हम हार मान जाएंगे तो मंजिल तक कैसे पहुंच पाएंगे। किसी भी असफलता से हार नहीं माननी चाहिए।
परीक्षा ही जीवन नहीं है, हार नहीं माननी चाहिए, संकल्प कर खुद को चुनौती दें और मेरिट के लिए टारगेट बनाएं। 10वी की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अब बहुत कम समय बचा है, वहीं 12वीं की परीक्षाएं चल रही हैं। स्टूडेंट तैयारियों में जुटे हुए हैं, बोर्ड परीक्षा में अक्सर देखा जाता है, कि बच्चे परीक्षा के इस माहौल में काफी तनाव में रहते हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा ने बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के तनाव को दूर करने के लिए राजस्थान पत्रिका की मास्टर-की मुहिम में छात्र-छात्राओं से टिप्स साझा किए हैं। एसपी मीणा के अनुसार परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राएं तनाव ले लेते हैं। इससे याद किया विषय भी जल्दी भूल जाता है। सकारात्मक नजरिया और टाइम मैनेजमेंट से बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर अंक आ सकते हैं।
-हर दिन कुछ समय के लिए मेटिटेशन करें। यह स्मरणशक्ति बढ़ाएगा।
-महत्वपूर्ण प्रश्नों का एक नोट्स बनाएं। इसके अनुसार पढ़ाई करे।
-हर एक टॉपिक पर गु्रप में साझा करें और एक एक तरीके अपनाएं।
-गणित के सवालों को अलग अलग टिप्स से लगाने की कोशिश करें।
-सूत्रों को पहले याद कर लें, इससे सवालों में आसानी होगी।
विषय की सरलता या कठिनता के अनुसार, विषय में यूनिट की संख्या के अनुसार तय करें कि किस विषय को कितना समय देना है। रीविजन को कितना समय देना है एवं परीक्षा कक्ष में उत्तर लिखते समय भी समय का प्रबंधन आवश्यक है ताकि सभी प्रश्न समय पर पूर्ण हो जाये। लिखकर या बोलकर पढऩे से हमारा मष्तिष्क पूरी तरह बिजी रहता है, हमारा ध्यान कही अन्यत्र नहीं भटकता है एवं हमे अच्छे से याद होता है। जब आप चुपचाप बैठकर पढ़ते हैं तो आपके दिमाग में कुछ न कुछ अनावश्यक विचार आ ही जाते हैं इसलिए हमेशा लिखकर व बोलकर ही पढ़ें।
माइंड मैप ऐसे डायग्राम होते हैं जिससे हमारी जानकारी को कई शाखाओं में बांटा जाता है। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में कुछ मुख्य शब्द होते हैं जिनके बिना उस प्रश्न का उत्तर दिया ही नही जा सकता है। इन्हीं शब्दों को ढूढ़कर ग्राफिकल रूप में चित्र के रूप में प्रदर्शित कर किसी भी टॉपिक का माइंड मैप बनाया जा सकता है। माइंड मैप के द्वारा किसी टॉपिक का रिवीजन बहुत कम समय में आसानी से किया जा सकता है।
बोर्ड परीक्षा से लेकर हर परीक्षा और कामकाज में टाइम मैनेजमेंट सफलता का सबसे बड़ा फण्डा है। अपने अनुभवों को साझा करते हुए बोर्ड परीक्षा से लेकर यूपीएससी तक के सफर में टाइम मैनेजमेंट सबसे ज्यादा योगदान बताया। टाइम मैनेजमेंट हर परीक्षाओं में सफलता दिला सकते हैं।
Published on:
04 Mar 2024 03:19 pm
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