14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दस साल पहले दिए पट्टे, अब तक नहीं मिले भूखंड

दस साल से नहीं मिले पट्टे, न ही हो रही सुनवाई

less than 1 minute read
Google source verification
दस साल पहले दिए पट्टे, अब तक नहीं मिले भूखंड

दस साल पहले दिए पट्टे, अब तक नहीं मिले भूखंड

ब्यावर. नगर परिषद की ओर से करीब दस साल पहले रेगर-कंजर भूमिहीन परिवारों के लिए आवासीय योजना तैयार की गई। 13 जनवरी 2010 को नगर परिषद की साधारण सभा में यह प्रस्ताव पास किया गया। 15 अप्रेल 2010 को जिला कलक्टर ने नगर परिषद को दस बीघा जमीन आवंटित की। इस योजना के तहत तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2013 में मुख्यमंत्री ने पट्टे भी आवंटित कर दिए। इसके बाद करीब दस साल बीत जाने के बावजूद अब तकजरुतरतमंद परिवारों को पट्टे नहीं मिल सके है। जबकि नगर परिषद इस जमीन के समतलीकरण पर करीब बीस लाख रुपए खर्च कर चुकी है। जरुरतमंद परिवार नगर परिषद में पट्टे के लिए चक्कर काट रहे है लेकिन उन्हें भूखंड नहीं मिल पा रहे है। इस योजना के तहत नगर परिषद की ओर से अस्सी परिवारों को भूखंड दिए जाने थे लेकिन अब तक 11 परिवारों को ही पट्टे मिल सके है। शेष परिवार नगर परिषद के चक्कर काट रहे है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सूचना के अधिकार के तहत जानकारी चाहने पर नगर परिषद इसको प्रशासनिक स्तर पर लंबित बता रही है जबकि इस संबंध में नगर परिषद प्रशासन को ही कार्य करना है। इस संबंध में पार्षदों की ओर से भी पत्र लिखे गए। इसके तहत वर्ष 2017 में पार्षद रहते हुए सभापति नरेश कनौजिया ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शेष रहे परिवारों को पट्टे दिए जाने की मांग की थी। ऐसे में लाखों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद अब तक जरुरतमंद भूमिहीन परिवारों को भूखंड नहीं मिल सके है।