
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के मकसद से केन्द्र सरकार की ओर से शुरू की गई पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना जिले में अभी गति नहीं पकड़ पाई है। धरातल पर हालत यह हैं कि फरवरी 2024 से शुरू हुई इस योजना को एक वर्ष का समय निकलने के बाद भी जयपुर ग्रामीण इलाके में अभी तक नाममात्र के उपभोक्ताओं ने ही घरों पर इस योजना के तहत सोलर पैनल लगवाए हैं। सोलर पैनल लगवाने की यही गति जारी रही तो प्रधानमंत्री की यह योजना कागजों में ही सिमटकर रह जाएगी।
लक्ष्य का 0.27 प्रतिशत घरों में ही लगे हैं सोलर पैनल
15 फरवरी 24 को प्रधानमंत्री द्वारा इस योजना को शुरू करने के बाद जयपुर ग्रामीण के अधिशासी अभियंता सर्किल बस्सी, चौमूं, शाहपुरा व जमवारामगढ़ क्षेत्र में शामिल चौदह सब डिवीजन क्षेत्र में कुल एक लाख उपभोक्ताओं के घरों में सोलर पैनल लगवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। बीते एक वर्ष में अभी तक सभी सब डिवीजन क्षेत्र में मात्र 273 उपभोक्ताओं के घरों में ही सोलर पैनल लगे हैं। यह संख्या निर्धारित लक्ष्य की महज 0.27 प्रतिशत ही है। सोलर पैनल लगवाने की यही गति चलती रही तो यहां के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करना मुश्किल है।
चौमूं में सबसे अधिक व जमवारामगढ़ में सबसे कम
योजना के तहत अब तक जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में शामिल अधिशासी अभियंता सर्किल बस्सी, चौमूं, शाहपुरा व जमवारामगढ़ में से चौमूं में सबसे अधिक 133 उपभोक्ताओं के तथा जमवारामगढ़ में सबसे कम 15 उपभोक्ताओं के घरों में ही सोलर पैनल लगे हैं। इसी तरह बस्सी में मात्र 45 व शाहपुरा में भी 82 उपभोक्ताओं के घरों में ही सोलर पैनल लगे हैं।
बैटरियां नहीं देने से भी उपभोक्ताओं का मोहभंग
सरकार की यह योजना उपभोक्ताओं के लिए भी फायदेमंद योजना है लेकिन वर्तमान में सरकार द्वारा दी जा रही 100 यूनिट तक की फ्री बिजली इस योजना की प्रगति सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। सोलर पैनल के साथ उत्पादित बिजली को घर में स्टोर करने के लिए बैटरियां नहीं देने से भी उपभोक्ताओं का इससे मोहभंग है। इसके साथ योजना ही योजना को क्रियान्वयन करने वाले जिम्मेदारों द्वारा उपभोक्ताओं को इसके फायदे की जानकारी भी समुचित तरीके से नहीं दी जा रही जिसके चलते उपभोक्ताओं का रुझान भी अभी इस योजना के प्रति नहीं बन पा रहा है।
गौरतलब है कि सोलर सिस्टम से प्रति किलोवाट करीब चार यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। सोलर सिस्टम से उत्पादन होने वाली बिजली में से उपभोग के बाद शेष बची बिजली नेट मीटरिंग से जीएसएस में चली जाएगी इससे किसी महिने में अधिक उपभोग होने पर अतिरिक्त बिजली उपभोक्ता के खाते में समायोजित हो जाती है।
कितने रुपए तक मिलती है सब्सिडी
पीएम सूर्यघर योजना के अनुसार केंद्र सरकार 1 से 2 किलोवाट की क्षमता के लिए 30 हजार से 60 हजार रुपए, 2 से 3 किलोवाट की क्षमता के लिए 60 हजार से 78 हजार और 3 किलोवाट से अधिक की क्षमता के लिए 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी देती है।
31 जनवरी तक ऐसा रहा हाल…
सब डिवीजन : पंजीकृत आवेदक : मांग पत्र जारी : जमा राशि : इन्स्टॉल
कानोता 1314 : 824 : 23 : 20
बांसखोह 1688 : 488 : 12 : 06
बस्सी 1014 : 396 : 20 : 17
चौमूं, प्रथम 695 : 693 : 93 : 93
चौमूं द्वितीय 515 : 373 : 18 : 12
गोविन्दगढ़ 286 : 274 : 38 : 10
खेजरोली 204 : 199 : 03 : 01
कालाडेरा 211 : 199 : 52 : 17
शाहपुरा 454 : 449 : 63 : 63
राडावास 467 : 371 : 08 : 08
मनोहरपुर 732 : 612 : 54 : 11
जमवारामगढ़ 890 : 416 : 36 : 08
कूकस 820 : 173 : 10 : 07
आंधी 175 : 82 : 05 : 00
इनका कहना है….
सरकार द्वारा दी जा रही 100 यूनिट फ्री बिजली इस योजना की प्रगति में प्रमुख रूप से बाधक बनी हुई है। उपभोक्ताओं को अब इसमें फायदे नजर आने लगे हैं जिससे इसको गति मिलेगी।
-आरसी मीणा, अधिशासी अभियंता, जमवारामगढ़
Updated on:
04 Feb 2025 11:36 pm
Published on:
04 Feb 2025 11:35 pm
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