15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जेल बैरक की बंदियों ने पाइप से दीवार खोदी, बाहर निकलते ही धरे रह गए!

- लोहे की पाइप से खोदकर पत्थर निकाले बाहर - देररात 3 बजकर 15 मिनट पर दीवार से निकले बाहर - ड्यूटी प्रहरी की नजर पड़ी तो मचा हड़कंप, दौड़कर दबोचा - कोतवाली थाने में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज

2 min read
Google source verification
Three people tried to escape from jail, case registered

Three people tried to escape from jail, case registered

भवानीसिंह राठौड़.
बाड़मेर. बाड़मेर जिला कारागृह में रविवार देररात 3 बजे महिला बैरक की दीवार खोदकर तीन बंदियों ने फरारी भागने का प्रयास किया। बंदियों ने लोहे के पाइप से औजार बनाकर दीवार को खोदकर एक फीट गहरा छेद करने के बाद बाहर निकल गए, लेकिन मुख्य गेट पर तैनात प्रहरी की नजर पडऩे पर उन्हें परिसर में ही दबोच दिया। बंदियों के खिलाफ जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया।

पुलिस के अनुसार जेल प्रभारी राजूराम विश्रोई ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे बंदी नरपत पुत्र भंवरलाल निवासी खेरी सालवा जोधपुर, भैराराम पुत्र वालाराम निवासी बिशाला आगौर, अशोक पुत्र जगदीश सोनी निवासी गिड़ा ने रविवार तड़के 3 बजे के बाद दीवार में लोहेनुमा वस्तु से पत्थर निकालकर डेढ फीट छेदकर भागने का प्रयास किया।

लेकिन उन्हें बाहर निकलते ही दबोच लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी नरपत के खिलाफ हत्या का प्रयास, भैराराम के खिलाफ चोरी व अशोक पोक्सो के मामले में जेल में बंद है।

लाइट फिटिंग तोड़ निकाला पाइप

कोराना वायरस के चलते तीन बंदियों को महिला बैरक में स्थापित किए गए आईसोलेशन वार्ड में रखा था। क्योकि तीन बंदियों के हल्का जुकाम चल रहा था। तीन बंदियों ने बैरक में पुरानी लाइट फिटिंग का पाइप तोड़कर दीवार में छेदकर भागने की योजना बनाई।

डेढ फीट खोद डाली दीवार

तीन बंदियों ने लोहे के पाइप से दीवार को एक फीट खोद दिया। बंदियों ने पाइप से खोदने के बाद धीरे-धीरे पत्थर निकाल दिए। पत्थर निकालने के बाद दीवार में करीब डेढ फीट का गहरा छेद हो गया। छेद के बाद तीनों एक-एक करके बाहर निकल गए।

प्रहरी की पड़ी नजर तो धरे रह गए

बैरक की दीवार में छेदकर तीनों ही रात 3 बजे बाहर निकल गए। ड्यूटी पर तैनात प्रहरी की नजर पडऩे पर परिसर की दीवार कूदकर भागने लगे, लेकिन प्रहरी के हल्ला करने पर जेल प्रभारी सहित अन्य जवान उठकर आए। और उन्हें पीछा कर दबोच लिया।

सुरक्षा पर सवाल

बंदियों की ओर से दीवार में छेदकर बाहर निकलने की घटना ने सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए है। हालांकि जेल प्रशासन की सजगता के चलते इन्हें दबोच लिया, वरना बड़ा हड़कंप मच जाता। जेल विभाग के पुराने बैरक की दीवार पूरी तरह छलनी हो चुकी है। लंबे समय से निर्माण नहीं करवाया गया है।

- तीन बंदियों ने भागने का प्रयास किया

जेल के महिला बैरक को आईसोलेशन बना रखा था। जिसमें तीन बंदी थे। बंदियों ने पाइप से दीवार में छेद कर बाहर निकलकर भाग रहे थे, लेकिन जेल परिसर में ड्यूटी पर तैनात प्रहरी व जेल प्रशासन की सजगता के चलते उन्हें दबोच लिया। तीनों के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया है। जांच के लिए टीम आई है।

- राजूराम विश्रोई, जेल प्रभारी, बाड़मेर