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युवक की हत्या, दिया धरना

आश्वासन के बाद उठाया धरना

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युवक की हत्या, दिया धरना

युवक की हत्या, दिया धरना



सिवाना ञ्च पत्रिका . निकटवर्ती कुसीप गांव निवासी युवक महेन्द्र खान के अपहरण के बाद हत्या करने के मामले में मुस्लिम समाज सहित विभिन्न संगठनों के लोगो में आक्रोश फैल गया। सोमवार को आक्रोशित मुस्लिम समाज व विभिन्न संगठनों के लोग कस्बे के डॉ. आंबेडकर सर्किल पर शव के साथ धरने पर बैठ गए। मंगलवार को मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भारी भीड़ इक_ी हो गई। बाद में उपखण्ड अधिकारी को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा, जिसमें पीडि़त द्वारा समय पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद सिवाना पुलिस के त्वरित कार्यवाही नही करने व मामले में कोताही बरतने पर सिवाना थानाधिकारी को हटाने, पीडि़त परिवार को 25 लाख की आर्थिक सहायता देने, अपहरण व हत्या के दर्ज मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर मामले को आहोर थाने से सिवाना थाने में ट्रांसफर कर निष्पक्ष जांच करने की मांग की।
मंगलवार को स्थानीय थाना परिसर में उपखण्ड अधिकारी कुसुमलता चौहान, समदडी तहसीलदार शंकरलाल गर्ग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य, बालोतरा, पुलिस उप अधीक्षक धनफुल मीणा व धरनार्थियों के प्रतिनिधियों के मध्य दिन भर समझाइश वार्ता के दौर चलते रहे। आखिर शाम लगभग सात बजे समझाइश वार्ता पर सहमति बन पाई। प्रधान मुकनसिंह राजपुरोहित ने कहा कि विधायक कोष से पीडि़त परिवार को तीन लाख, राजस्व मंत्री की ओर से निजी तौर पर एक लाख रुपए एवं पंचायत समिति के माफऱ्त संचालित योजनाओं के माफऱ्त तीन-चार लाख की सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही आगामी एक सप्ताह में पुलिस द्वारा दर्ज मामले में फरार आरोपियों की अतिशीघ्र गिरफ्तार कर निष्पक्ष जांच करने तथा पीडि़त परिवार की लिखित शिकायत पर सिवाना थानाधिकारी के विरुद्ध उपरोक्त दर्ज मामले में कोताही बरतने की जांच कर विभागीय कार्यवाही करने का ठोस आश्वासन दिया गया। जिस पर धरनार्थियों ने सहमति जताते हुए धरना समाप्त किया।
महेंद्र खान का 21 मार्च को गाड़ी सहित वादनवाड़ी जिला जालोर से अपहरण करके हत्या कर दी गई थी। जिसका शव रविवार को जोधपुर के कायलाना में आने वाली हाथी नहर में फेंक दिया गया। वहीं वारदात में शामिल आरोपियों की निशानदेही से आहोर थाना पुलिस जोधपुर पहुंची और सूरसागर थाना पुलिस की मदद से गोताखोरों ने रविवार की शाम शव बाहर निकलवाया और परिजन को सौंपा। उक्त मामले में मृतक के परिजनों द्वारा सिवाना थाने में गुमशुदगी व आहोर थाने में नामजद आरोपियों के विरुद्ध अपहरण व हत्या के अलग रूप से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।