27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मातम में बदली बेटियों की कामयाबी की खुशी, ट्रेलर में घुसी बस, प्रिंसिपल और छात्रा की मौत, 14 गंभीर घायल

वक्त...कोई भरोसा नहीं अगले पल क्या होना है..., शनिवार को बाड़मेर हुए हादसे में ऐसा ही हुआ। देताणी मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल इब्राहिम ने करीब छह घंटे पहले यह पोस्ट कर गांव के साथ यह खुशी जाहिर की कि रानीवाड़ा में आयोजित कलस्टर स्तरीय बैंड प्रतियोगिता में एसवीजीएमएस देताणी की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

2 min read
Google source verification
barmer_accident.jpg

बाड़मेर पत्रिका. वक्त...कोई भरोसा नहीं अगले पल क्या होना है..., शनिवार को बाड़मेर हुए हादसे में ऐसा ही हुआ। देताणी मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल इब्राहिम ने करीब छह घंटे पहले यह पोस्ट कर गांव के साथ यह खुशी जाहिर की कि रानीवाड़ा में आयोजित कलस्टर स्तरीय बैंड प्रतियोगिता में एसवीजीएमएस देताणी की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हमारी बेटियां 12 अक्टूबर को राज्य स्तर पर खेरवाड़ा उदयपुर में पार्टिसिपेट करेगी। बेटियों को ढेर सारी बधाई..म्यूजिक टीचर की मेहनत रंग लाई। इस पोस्ट के साथ इब्राहिम ने एक ग्रुप फोटो भी साझा किया जिसमें खुद पीछे खड़ा है। इस खुशी को पूरे रास्ते पूरा दल बार-बार साझा कर खुशियों के गीत गाते हुए लौैट रहा था। सीमा के अंतिम गांव में मॉडल स्कूल खुलने के बाद बेटियों का पढऩा और खेल में आगे बढऩा गांव के लिए इतना उत्साह का माहौल बना गया कि रहमान खां नोहड़ी की एक पोस्ट में जाहिर किया कि जरूरी नहीं रोशनी चिरागों ही हो,बेटियां भी घर में उजाला होती है..पूरा गांव इस इंतजार में था कि बेटियां लौटकर आ रही है तो रात को करीब 9.30 बजे तक गांव पहुंच जाएंगे और इनके आते ही जश्न होगा।
यह भी पढ़ें : हॉस्टल में रह रहे 11 साल के बच्चे की वार्डन ने की पिटाई , तो अभिभावकों ने शिक्षिका को पीटा


इतरा रही थी बेटियों की मां-दादी कि अब आते ही उसको क्या खिलाएंगे। जीत करा आगे उदयपुर जाने के चर्चे थे औैर प्रथम रहने की कामयाबी को ये बार-बार मोबाइल पर भी बेटियों से साझा कर रहे थे। मां-बाप इस इंतजार में थे कि बेटियों को कंधे पर उठाएंगे, माला पहनाएंगे और उनका इस्तकबाल करेंगे,लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि यह सारी खुशियां गम में तब्दील होने वाली है। अचानक खबर आई कि दुर्घटना हो गई। जैसे सबके होश ही उड़ गए। देताणी गांव से परिजन सबकुछ छोड़कर चौहटन की तरफ वाहन लेकर दौड़े। बीच रास्ते बुरी खबर थी कि इन बेटियों को जीत दिलाने का हकदार और गांव का लाडला प्रिंसिपल इब्राहिम नहीं रहा। छोटे गांव देताणी में अधिकांश परिवारों में इब्राहिम की रिश्तेदारी थी और वह गांव का चहेता प्रिंसिपल था। इस बुरी खबर के बाद दुआ पढ़ते गए कि अब कुछ भी नहीं हों। घायलों की सुध-बुध लेने तक हर परिजन की सांस अटकी रही। प्रिंसिपल की पोस्ट की गई फोटो में बच्चे अपडेट थे लेकिन यहां आए तो किसी के सिर से खून टपक रहा था तो कोई दर्द से कराह रहा था। वक्त..सारी तस्वीर बदल चुका था, खुशियों का माहौल यहां हादसे के दर्द को झेल रहा था।