
Locust attack continues
बाड़मेर. टिड्डी पाकिस्तान से लगातार अभी तक आ रही है। अब आने वाली टिड्डी वयस्क होने के कारण काफी खतरनाक मानी जा रही है। टिड्डी बड़े समूहों में आने व ऊंचे पेड़ों पर बैठने के चलते पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो रही है। इसके लिए अब राज्य सरकार ने एनजीओ की मदद से काबू करने की तैयारी की गई है। इसके तहत ट्रैक्टरों पर केमिकल स्प्रे मशीनें लगाई जाएंगी। ताकि पेड़ों पर बैठी टिड्डी को नष्ट किया जा सके।
टिड्डी नियंत्रण संगठन के पास संसाधनों की कमी है। विभाग पिछले 8 माह से नियंत्रण का कार्य कर रहा है। इसमें छोटी गाडिय़ां काम में ली जा रही है, जिससे पेड़ों पर बैठने वाली टिड्डियां नियंत्रित नहीं हो रही हैं। फील्ड में केमिकल स्प्रे के लिए लगी गाडिय़ों की ऊंचाई कम है, वहीं टिड्डी अब ऊंचाई पर बैठकर पेड़ों तक को नष्ट कर रही है। इसलिए अब राज्य सरकार एनजीओ के सहयोग से ट्रैक्टरों पर स्प्रे मशीनें लगाकर टिड्डी नियंत्रण करेगी।
पेड़ों पर बैठी टिड्डियां बन रही परेशानी
पाक से आ रही टिड्डी पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो रही। वहीं पेड़ों पर बैठने वाले दल आगे बढ़ जाते हैं। ऐसे में विभाग की परेशानी बढ़ गई। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाने के बाद ट्रैक्टरों पर केमिकल स्प्रे मशीनें लगाकर नियंत्रण की कार्रवाई अमल में लाने की तैयारी की जा रही है।
नीम के पेड़ों को नुकसान पहुंचा रही टिड्डी
टिड्डी विभाग के अधिकारी हैरान हैं कि टिड्डियां नीम के पेड़ों तक को नुकसान पहुंचा रही है। जबकि ऐसा माना जाता है कि नीम के खारेपन के कारण टिड्डियां ऐसे पेड़ों पर नहीं बैठती है। लेकिन इस बार टिड्डी नीम के पेड़ों तक को नष्ट कर रही है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों को चिंता बढ़ गई है।
कैर के झाड़ तक चट
धोरों में उगने वाली वनस्पति कैर को भी टिड्डी ने नहीं छोड़ा है। कैर के बड़े-बड़े झाड़ टिड्डी हमले के बाद ठूंठ की तरह नजर आ रहे हैं। जिन गांवों में टिड्डी बैठी, वहां की वनस्पति को नुकसान पहुंचाया है।
Published on:
28 Dec 2019 12:10 pm
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