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सर्द मौसम में भी सिवाना प्यासा, फूटा गुस्सा, सरकार के खिलाफ रोष

- उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन - पोकरण,फलसूंड,बालोतरा-सिवाना परियोजना का पानी पहुंचने पर रोष

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सर्द मौसम में भी सिवाना प्यासा, फूटा गुस्सा, सरकार के खिलाफ रोष

सर्द मौसम में भी सिवाना प्यासा, फूटा गुस्सा, सरकार के खिलाफ रोष

सिवाना (बाड़मेर). कस्बे में पेयजल समस्या से परेशान व 15 वर्ष बाद भी पोकरण- फलसूंड -बालोतरा -सिवाना पेयजल परियोजना का मीठा पानी सिवाना नहीं पहुंचने पर मंगलवार को कस्बेवासियों को धैर्य जबाब दे गया। बड़ी संख्या में आक्रोशित लोग एकत्रित हुए। कस्बे को बंद रखने के निर्णय के साथ पुरुषों व महिलाओं सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाते हुए हंगामा किया। महिलाओं ने तहसील कार्यालय के आगे मटकियां फोड़ कर अपने गुस्से का इजहार किया। सरकार, प्रशासन को जमकर खूब खरी खोटी सुनाई। दोपहर एक बजे उपखण्ड अधिकारी प्रमोद सीरवी तहसील कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन व हस्ताक्षर युक्त बैनर सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2003 में पोकरण- फलसूंड -बालोतरा -सिवाना पेयजल परियोजना स्वीकृत की गई थी, लेकिन बीते 15 वर्षों में भी परियोजना का पानी कस्बे में नहीं पहुंचा है। कस्बे में छह वर्ष से पेयजल संकट है। सर्दी में भी कस्बेवासियों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। पानी खरीद कर प्यास बुझानी पड़ रही है। सरकार पेयजल समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। कार्य को अनदेखा किया जा रहा है। अतिरिक्त बजट आवंटित कर सरकारी पैसा पानी की तरह बेवजह बहाया जा रहा है। हाल में सरकार ने भूजल स्तर पेंदे बैठने पर पांच टयूबवेल खुदवाने के लिए 67 लाख के बजट की स्वीकृति दी है। जबकि इसी बजट से परियोजना का पानी आसोतरा से सिवाना तक छोटी पाइप लाइन बिछाकर पहुंचाया जा सकता है। तत्काल प्रभाव से मूठली -आसोतरा से सिवाना तक पाइप लाइन पहुंचाकर पानी पहुंचाएं। अन्यथा 6 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने के साथ पंचायतीराज चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

प्रतिष्ठान बंद रखे, आंदोलन की चेतावनी - एक सप्ताह से पानी नहीं तो वोट नहीं संघर्ष समिति की ओर से पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए चलाए जा रहे क्रमबद्ध आंदोलन के तहत मंगलवार को सम्पूर्ण कस्बा बन्द रहा। कस्बे के छोटे-बड़े सभी व्यापारियों ने प्रतिष्ठान व दुकानें बंद रखी। कस्बे के बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। जारी आंदोलन के बावजूद प्रशासन के अब तक कोई बातचीत नहीं करने से से नाराज कस्बेवासी दोपहर एक बजे भारी संख्या में एकत्रित हुए। ग्रामीणों ने एक घण्टे बैठक कर पेयजल संकट के समाधान के लिए चलाए जा आंदोलन को लेकर आगामी रणनीति पर चर्चा की । आंदोलन में प्रत्येक ग्रामवासी की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने सम्बोधित करते हुए आंदोलन में अधिकाधिक लोगों के भाग लेने व एकजुट होने की बात कही। निप्र.