
बदले मौसम के बाद सहेजने लगे फसलें
- बाड़मेर. जिले में पिछले तीन चार दिन से बदले मौसम और कुछ जगह बारिश होने के बाद किसान आधी पकी फसलों को भी सहेज रहे हैं जिससे कि पूरा नुकसान न हो। विशेषकर मूंग, मोठ और तिल की फसलों की कटाई कर उसको सुरक्षित रख रहे हैं। स्थिति यह है कि किसान एक-दूसरे का सहयोग कर जल्द से जल्द फसलें लेना चाह रहे हैं। अभी तक दीपावली के आसपास खेत खाली करने की योजना थी जिसे अब बदल तक दो-चार दिन में ही पूरा कर रहे हैं।
कोरोना के बीच अच्छे जमाने ने किसानों के चेहरों पर खुशियां लाई थी, लेकिन अब बदले मौसम ने थोड़ी चिंता बढ़ाई है। पिछले तीन-चार दिन से मौसम ने पलटी खाई है। एेसे में बादल बन और बिगड़ रहे हैं। बनते बादलों ने किसानों की चिंता को बढ़ाया है, क्योंकि खेत में पकी और आधी कच्ची फसलों को नुकसान की आशंका बन गई है। गौरतलब है कि अधिकांश किसानों ने अगस्त में बुवाई की थी, जिनमें से काफी फसल अभी भी आठ-दस दिन बाद पकनी है। किसान इंतजार कर रहे थे कि तेज धूप पड़ेगी तो बढि़या उपज होगी। इतने दिन तक तो सही चला लेकिन अब मौसम बदलने पर इन फसलों पर बारिश के छींटे पड़ते ही खराब होने की आशंका सता रही है। तिल को ज्यादा नुकसान, मूंग पड़ जाएंगे काले-किसानों के अनुसार तिल की फसल को बारिश से ज्यादा नुकसान हो सकता है। बारिश के चलते सूखी फसल से तिल जमीन पर गिर जाएंगे, जिसके बाद किसानों को एक दाना भी नहीं मिलेगा। वहीं, मूंग पर बारिश के छींटे गिरने से काला पडऩे की आशंका रहेगी।
एेसे में किसान आधीे पकी फसल सहेज रहे हैं जिससे कि जो आधी फसल पक चुकी है वो तो मिले नहीं तो पूरा नुकसान होने की आशंका रहेगी।
एकत्रित कर रहे फसलें- पिछले तीन दिन से बादल छाए रहने से फसलें खराब होने की आशंका है। पूरा नुकसान नहीं हो इसलिए आधी पकी फसलों को ही सहेज रहे हैं।- कासमखां, किसान
बारिश से नुकसान की आशंका- बारिश होने से नुकसान की आशंका तो है। खड़ी फसलों के साथ आधी पकी फसल को नुकसान होगा।- डॉ. प्रदीप पगारिया, कृषि वैज्ञानिक केवीके गुड़ामालानी
Published on:
28 Oct 2020 07:30 pm
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