नगर निगम में भाजपा पार्षदों के धरने को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने नगर निगम में धारा 144 लागू कर दी है जिसका असर ये हुआ कि भाजपा की जिला और महानगर इकाई भाजपा पार्षदों के पक्ष में आ गई है। दो दिन पहले भाजपा के तमाम नेता और मेयर उमेश गौतम भी पार्षदों के धरने में शामिल हुए थे। मेयर की शहर कोतवाल से जमकर नोक झोंक भी हुई थी।
वही इस विवाद के 15 दिन बाद भी शहर के सभी बड़े नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। कैंट विधायक और सूबे मंत्री राजेश अग्रवाल, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और शहर विधायक डॉक्टर अरुण कुमार ने इस मामले में अभी कोई बयान नहीं दिया है न ही विवाद को निपटाने के लिए कोई पहल की है।
सपा पार्षदों ने भी शनिवार को मेयर को ज्ञापन देकर इस मामले को 16 जून तक समाप्त कराने की मांग की है। सपा पार्षदों का कहना है कि इस विवाद के कारण शहर की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। बारिश आने वाली है और नाला सफाई का कार्य भी नहीं हुआ है। इसके साथ ही सपा पार्षदों का कहना है कि पार्षद विनोद सैनी पर दर्ज मुकदमा एक्सपंज किया जाए अगर ये नहीं हुआ तो 17 जून से सपा पार्षद भी मेयर के कार्यालय के बाहर धरना देंगे। जब तक मुकदमा एक्सपंज नहीं होगा धरना जारी रहेगा और मेयर को कार्यालय में घुसने नहीं देंगे।
नगर आयुक्त आईएएस अफसर सैमुअल पॉल एन ने नगर निगम का चार्ज लेते ही अपने तेवर दिखा दिया थे। दरअसल में नगर आयुक्त की पहल पर पोर्टेबल शॉप आवंटन की सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच की थी जांच के बाद शहर कोतवाली में भाजपा पार्षद विनोद सैनी और व्यापारी नेता दर्शन लाल भाटिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोप है कि इन लोगो ने अन्य लोगों के साथ मिलकर नो वेंडिंग जोन में पोर्टेबल शॉप फड़ व्यपारियो से पैसे लेकर लगवा दी। जिसकी जानकारी नगर निगम को नही थी। मामला संज्ञान में आने के बाद रातो रात पोर्टेबल शॉप हटवा दी गई। मामले में डीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच की और जांच रिपोर्ट आने के बाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवा दी गई। एफआईआर के बारे में जानकारी होते ही तमाम पार्षद और डिप्टी मेयर अनिश्चितकालीन धरने पर नगर आयुक्त के ऑफिस के बाहर बैठे हुए हैं।