
बरेली। आंवला में तैनात लेखपाल तेजपाल गंगवार के खिलाफ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। लेखपाल पर आरोप है कि उन्होंने संक्रमणीय भूमि की मालियत बदलकर पट्टा किया, दो लाख रुपये रिश्वत की मांग की और जबरन जमीन खाली कराने का प्रयास किया।
रिश्वत और दबाव का आरोप, कोर्ट ने दिया जांच का निर्देश वादीगण यादराम, नेकपाल सिंह और ओमवीर ने कोर्ट को बताया कि उनकी जमीन आंवला के हाफिजगंज में आराजी संख्या 180, 87, 85 पर स्थित है। आरोप है कि ग्राम प्रधान और लेखपाल ने मिलीभगत कर फर्जी तरीके से इसका पट्टा कर दिया, जबकि यह मामला एसडीएम कोर्ट में लंबित है।
इसके बावजूद, लेखपाल तेजपाल गंगवार और अन्य 21 सहखातेदार जमीन खाली करने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि लेखपाल ने दो लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर जेल भेजने की धमकी दी।
लेखपाल के खिलाफ गंभीर आरोप, पुलिस को कोर्ट का सख्त निर्देश वादी पक्ष ने आरोप लगाया कि लेखपाल के साथ मिलकर शंकरलाल, कल्याण, केसरीलाल समेत अन्य लोग साजिश के तहत झूठी शिकायतें कर रहे हैं। पीड़ितों द्वारा कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा।
कोर्ट ने अलीगंज पुलिस को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विस्तृत जांच करने का आदेश दिया है। पुलिस अब इस मामले में अगली कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
Published on:
20 Feb 2025 12:09 pm
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