
बरेली। प्रेम की राह में समाजिक बंधनों को दरकिनार कर अलीगढ़ की एक युवती ने गुरुवार को बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में अपने प्रेमी से सात फेरे लेकर एक नया जीवन अध्याय शुरू किया। युवती ने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करते हुए अपना नाम भी बदला और राजेश नामक युवक से विवाह कर लिया। इस विवाह की साक्षी बनीं न केवल अग्नि बल्कि आश्रम के महंत पंडित केके शंखधार भी, जिन्होंने इस विवाह को हिंदू रीति-रिवाजों से संपन्न कराया।
अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र की रहने वाली युवती रूबा की मुलाकात बरेली के शाही निवासी राजेश से हुई थी, जो किसी कार्यवश उसके गांव आता-जाता रहता था। दोनों के बीच धीरे-धीरे बात बड़ी और फिर मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ। बातों-बातों में दोनों के बीच दोस्ती गहरी होती गई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। रूबा ने राजेश से विवाह करने का निर्णय लिया और इसके लिए उसने स्वयं धर्म परिवर्तन किया। अब उसने अपना नया नाम 'रूबी' रख लिया है। रूबी ने सार्वजनिक तौर पर वीडियो में बयान दिया है कि वह बालिग है और उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर प्रेम विवाह किया है। यह विवाह पूरी तरह से उसकी इच्छा और सहमति से हुआ है।
राजेश और रूबी ने अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचकर विवाह की अनुमति मांगी थी। महंत केके शंखधार ने दोनों को समझने के बाद विवाह संपन्न कराया। विवाह के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, जिसमें युवती ने दोहराया कि वह चार सालों से हिंदू धर्म से प्रभावित है और उसी के अनुसार जीना चाहती है। विवाह के बाद रूबी ने स्थानीय पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है, ताकि उसके और उसके पति राजेश के साथ कोई अनहोनी न हो।
Published on:
10 Apr 2025 06:43 pm
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