इनकम डिक्लरेशन स्कीम (आईडीएस) के तहत मुंबई के जिस परिवार ने दो लाख करोड़ रुपए की आय घोषित की थी उसको लेकर रहस्य और गहरा गया है।
इनकम डिक्लरेशन स्कीम (आईडीएस) के तहत मुंबई के जिस परिवार ने दो लाख करोड़ रुपए की आय घोषित की थी उसको लेकर रहस्य और गहरा गया है।
इस परिवार ने बांद्रा स्थित जिस मकान का पता दिया है। वहां पर पिछले सात साल से कोई नहीं रह रहा है और घर बिल्कुल सुनसान पड़ा है।
बांद्रा का यह सैयद परिवार बीते रविवार को तब सुर्खियों में आया था जब वित्त मंत्रालय ने खुलासा किया था कि इस परिवार ने आईडीएस के तहत दो लाख करोड़ रुपए की आय की घोषणा की है।
सरकार के इस खुलासे के बाद जब जांच-पड़ताल की गई तो इस पते पर सैयद परिवार को कोई नामोनिशान तक नहीं था। यह फ्लैट पिछले सात साल से बंद पड़ा है। इसके अलावा आसपास के लोगों को भी इस परिवार के बारे में कुछ भी मालूम नहीं है।
दरअसल रविवार को वित्त मंत्रालय ने जो खुलासा किया था, उसके मुताबिक सैयद परिवार में चार लोग हैं। अब्दुल रज्जाक मोहम्मद सैयद, उनके बेटे आरिफ, पत्नी रुखसाना और बहन नूरजहां। मंत्रालय ने जो पता बताया था वह फ्लैट नंबर 4, ग्राउंड फ्लोर, जुबली कोर्ट, 269-बी, टीपीएस-थर्ड, लिंकिंग रोड, बांद्रा (पश्चिम) था।
जुबली कोर्ट बिल्डिंग के सचिव ने बताया यह फ्लैट एक कंपनी के नाम पर है। उन्होंने कहा पिछले सात सालों के दौरान यहां कोई भी नहीं रहा है। हर छह महीने पर कोई आकर रखरखाव संबंधी खर्च दे जाता है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सूत्रों ने बताया डिपार्टमेंट ने इस परिवार के खिलाफ जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस मामले में अभी तक किसी से पूछताछ नहीं हुई है। सूत्रों ने बताया कि फॉर्म में अब्दुल का पैन कार्ड जमा किया गया था और पिछले तीन साल के उसके इनकम टैक्स रिटन्र्स की भी जांच की गई है।