
बारां। राजस्थान के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। हाड़ौती सहित प्रदेश के कुछ हिस्सों में नदी— नालों में उफान आ गया और निचले इलाकों में पानी भर गया। बारां और कोटा के कई इलाकों में बाढ़ से हालात नजर आ रहे हैं। बारां जिले में लगातार हो रही बारिश से जन जीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया है। शनिवार रात से ही जिले में रूक—रूककर बारिश का दौर जारी है।
वहीं छबडा,शाहबाद, अटरू,छीपाबडौद में एक दर्जन से ज्यादा मकान बीती रात धराशाई हो गए। हालांकि जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। जिस ब्लॉक में मकान गिरने की सूचना मिली है वहां सर्वे का काम शुरू कर दिया है। बारां में रविवार को भी तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।
बारां जिले के कंवरपुरा में मकान ढहने से दो बच्चियों की मौत हो गई, सैंकड़ों मवेशी बह गए और आधा दर्जन से ज्यादा मकान धराशायी हो गए। जिले में 4 से 6 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई। उधर कोटा में पांच-छह बस्तियां जलमग्न हो गईं। दुर्गा बस्ती से एक 12 वर्षीय मूक बधिर बालक नाले के उफान में बह गया, जिसका शव किशोरपुरा नाले में बरामद हुआ।
कोटा में भी बीते 24 घंटों में 4 इंच बारिश हुई। बूंदी जिले में मेज नदी में आए उफान के बाद बूंदी-झालीजी का बराना, कालानला-बांसी मार्ग बंद हो गया, जबकि घोड़ा पछाड़ नदी में उफान के बाद नमाना-श्यामू मार्ग बंद हो गया। बूंदी के नवलसागर और जैतसागर में जोरदार आवक हुई। झालावाड़, खानपुर, बकानी में 4 व असनावर में करीब 5 इंच बरसात हुई।
दो बच्चियों की मौत
बारां के कंवरपुरा गांव में शुक्रवार रात अचानक तेज बारिश के दौरान सम्पत वैष्णव के मकान की छत गिर गई। जिससे उसके घर आई रिश्तेदार की बच्चियां पिंकी (10) और लक्ष्मी (16) की मौत हो गई। जबकि संपत सहित परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। मवासा गांव में कच्चा मकान गिरने से महिला गीता बाई घायल हो गई।
बांधों के गेट खोले
झालावाड़ जिले के कालीसिंध, छापी व भीमसागर बांध के गेट खोल दिए गए। इस सीजन में पहली खंडिया तालाब व नया ताबाल छलक उठा। इसके अलावा गांवड़ी, धनवाड़ा, मदारीखां तालाब आदि भी लबालब भर चुके हैं। कालीसिंध, आहू, उजाड़, नांगली, खारंड, गंभीरी नदियां उफान पर चल रही हैं। बूंदी के बरधा बांध पर एक फीट की चादर शुरू हो गई।
Updated on:
09 Sept 2018 09:42 am
Published on:
09 Sept 2018 08:55 am
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