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फिर सुलगे बोरदा माळ के खेत, आग से नुकसान

आए दिन खेतों में हो रही आगजनी की घटनाओं से पशुपालक भी गहरे सदमे में हैं। उन्हें अभी से ही आगजनी की घटनाओं को देखते हुए पशु चारे की चिंता सताने लगी है।

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बारां

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Mukesh Gaur

Apr 07, 2025

आए दिन खेतों में हो रही आगजनी की घटनाओं से पशुपालक भी गहरे सदमे में हैं। उन्हें अभी से ही आगजनी की घटनाओं को देखते हुए पशु चारे की चिंता सताने लगी है।

आए दिन खेतों में हो रही आगजनी की घटनाओं से पशुपालक भी गहरे सदमे में हैं। उन्हें अभी से ही आगजनी की घटनाओं को देखते हुए पशु चारे की चिंता सताने लगी है।

भंवरगढ़. भंवरगढ़ क्षेत्र के बोरदा के माळ स्थित खेतों में शनिवार देर रात खड़ी गेहूं की नौलाइयों में लगी भीषण आग को बड़ी मशक्कत के बाद काबू किया गया। इस दौरान भंवरगढ़ पुलिस की तत्परता व ग्रामीणों की सजगता से बड़ा नुकसान होने से बच गया। वहीं हवा का रुख बदल जाने से वहां आसपास खेतों में खड़ी एक हजार बीघा के लगभग गेहूं की नौलाइयां आग की चपेट में आने से बच गई।

हालांकि 30 से 35 बीघा की नौलाइयां जल कर खाक हो गई। थाना प्रभारी राजेश कुमार मीणा ने बताया कि शनिवार देर रात बोरदा के खेतों में खड़ी नौलाइयों में आग लगने की सूचना पर कांस्टेबल दिनेश कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से बोरदा रोड पर खेत में लगी आग पर परंपरागत संसाधनों से बुझाया। कांस्टेबल दिनेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना के बाद उन्होंने तुरंत यहां स्थित ओरिएंटल ग्रीन पावर प्लांट में फोन कर फायर ब्रिगेड भेजने के लिए कहा, ङ्क्षकतु गाड़ी खराब होने के कारण नहीं आ सकी। बाद में बारां जिला मुख्यालय पर भी फोन किया।

आग लगने के कारण का कोई पता नहीं लग पाया है। इधर आए दिन खेतों में हो रही आगजनी की घटनाओं से पशुपालक भी गहरे सदमे में हैं। उन्हें अभी से ही आगजनी की घटनाओं को देखते हुए पशु चारे की चिंता सताने लगी है। पशुपालकों का कहना है कि वर्तमान में भंवरगढ़ क्षेत्र के खेतों में बड़े पैमाने पर नौलाइयां हैं। इनमें क्षेत्र के सभी गांव के पशु दो माह तक आराम से चराई कर सकते हैं, किन्तु आए दिन आग लगने की घटनाएं उन्हें दर्द दे रही है।