
नागरिकता कानून पर विरोध के बीच वकीलों ने बांटे गुलाब के फूल, कहा आपसी संबंधों में बनी रहे मधुरता
बाराबंकी. नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर देशभर में लोगों का उपद्रव थमने का नाम नहीं ले रहा। जगह-जगह लोगों ने प्रदर्शन व आगजनी कर हिंसात्मक विरोध प्रदर्शन किया। कई सार्वजनिक संपत्तियां भी फूंक दी गईं। नागरिकता कानून के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रदेश के वकीलों का अलग चेहरा सामने आया है। बाराबंकी में वकीलों ने कचहरी में आए लोगों को गुलाब का फूल देकर घृणा के बदले प्रेम के संदेश का इजहार किया।
वकीलों ने लोगों के हाथों में गुलाब का फूल देकर राष्ट्रीय एकता, अखंडता, संविधान की रक्षा, मां, बहन और बेटी की सुरक्षा और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि कोई भी कानून इंसानियत से बड़ा नहीं हो सकता। कुछ लोग केंद्र सरकार के कानून को लेकर विरोध और समर्थन की राजनीति कर रहे हैं, जो कि गलत है। वकीलों का कहना है कि यह प्रदर्शन और आगजनी थमना चाहिए। सभी लोग भाईचारे से रहें और उनमें प्यार बना रहे। यही संदेश लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्हें गुलााब का फूल दिया जा रहा है। वकीलों ने अपील की कि चाहे कुछ भी हो, आपसी संबंधों में मधुरता बनाए रखें।
हिंसा से समस्या का हल नहीं
यह सराहनीय पहल कर रहे अधिवक्ता हिसाल बारी ने कहा कि कुछ दिनों से हम लोग देख रहे हैं कि सीएए को जाने बिना लोग उसके विरोध और समर्थन की राजनीति कर रहे हैं। लेकिन इस राजनीत के चक्कर में आम जनता फंस गई है। देश में जिस तरह से विरोध और आगजनी हो रही है, इस सब में केवल जनता का नुकसान हो रहा है। हमारी निगाह में कानूनों के ज्यादा आपसी रिश्ते अहमियत रखते हैं। उसी रिश्ते को लोगों को याद दिलाने के लिये हम लोग बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि कचहरी में जिलेभर से लोग आते हैं, इसलिये हम कचहरी को ही सांकेतिक रूप से जिला मानकर लोगों को गुलाब दे रहे हैं और उन्हें याद दिला रहे हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए, हमें अपना भाईचारा बनाकर रखना है। वकीलों ने सीएए को लेकर हो रही हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की और बताया कि हिंसा से किसी भी समस्या का हल नहीं निकल सकता।
Updated on:
20 Dec 2019 06:24 pm
Published on:
20 Dec 2019 06:06 pm
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