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भाजपा से निष्‍कासित विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल जल्‍द बनाएंगे अपनी नई राजनीतिक पार्टी

यतनाल ने कहा कि वह विजयादशमी तक जनता की राय लेंगे और उसके बाद अपनी अगली कार्रवाई तय करेंगे। विधायक ने कहा, मैं राय जुटाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचूंगा। आज भाजपा हिंदुओं के पक्ष में नहीं है।

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बेंगलूरु. भाजपा से निष्‍कासित विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने सोमवार को अपने प्रस्तावित राजनीतिक संगठन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अब हिंदुओं के लिए काम नहीं कर रही है क्योंकि वह समायोजन की राजनीति में विश्वास करती है।

लिंगायत समुदाय के प्रभावशाली नेता यतनाल को पूर्व भाजपा मुख्यमंत्री और लिंगायत नेता बीएस येडियूरप्पा और उनके बेटे तथा राज्य भाजपा प्रमुख बीवाई विजयेंद्र की आलोचना करने के कारण पार्टी से छह साल के लिए बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने बार-बार पार्टी में उनके प्रभुत्व को वंशवाद की राजनीति कहा।

अपनी पार्टी को जातिगत रंग से परे एक पहचान देने के प्रयास के रूप में देखे जा रहे यतनाल ने सोमवार को कोप्‍पल में संवाददाताओं से कहा, हम कित्तूर रानी चेन्नम्मा या रायण्‍णा ब्रिगेड तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हम (पूरे) हिंदू समुदाय के लिए काम करेंगे। हम कित्तूर रानी चेन्नम्मा, उनके सेनापति संगोली रायण्‍णा, महर्षि वाल्मीकि और बीआर अंबेडकर में विश्वास रखने वालों से लेकर सभी को साथ लेकर चलेंगे।

अपने अगले कदम के बारे में बोलते हुए यतनाल ने कहा कि वह विजयादशमी तक जनता की राय लेंगे और उसके बाद अपनी अगली कार्रवाई तय करेंगे। विधायक ने कहा, मैं राय जुटाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचूंगा। आज भाजपा हिंदुओं के पक्ष में नहीं है।

कर्नाटक में भाजपा नेतृत्व का कांग्रेस के साथ 'समझौता'

उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में भाजपा नेतृत्व का कांग्रेस के साथ 'समझौता' है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री येडियूरप्पा और उनके बेटे विजयेंद्र जो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं, उनके बहुत सारे घोटाले हैं। यतनाल ने आरोप लगाया कि 'समायोजन' की राजनीति के कारण येडियूरप्पा और उनके परिवार को संरक्षण प्राप्त है।

विधायक ने कहा, अगर राज्य सरकार ने गंभीरता से मामला लड़ा होता तो येडियूरप्पा जेल चले जाते। उन्होंने हजारों करोड़ रुपये लूटे हैं। उन्होंने भले ही पैसे दिए हों, लेकिन मैं कर्नाटक भर में घूमूंगा और कर्नाटक के भविष्य के लिए जनता की राय जुटाऊंगा। सोमवार को यतनाल ने कांग्रेस के धारवाड़ नेता अनिल कुमार से मुलाकात की, जिससे अटकलों को बल मिला।

यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी से बर्खास्त विधायक ने रविवार को संकेत दिया था कि अगर पार्टी बी वाई विजयेंद्र को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जारी रखती है, तो वह एक नया राजनीतिक संगठन बनाएंगे। हालांकि, अटकलों पर विराम लगाते हुए यतनाल ने कहा कि उनका कांग्रेस में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।

कांग्रेस में कभी शामिल नहीं होंगे

निष्कासित विधायक ने कहा, न तो इस जन्म में और न ही अगले जन्म में मैं कांग्रेस में शामिल होऊंगा। कांग्रेस एक मुस्लिम पार्टी है, हिंदू पार्टी नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विजयेंद्र और उनकी टीम ने उनके बारे में अफवाहें फैलाईं। यतनाल के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयपुर जिले के प्रभारी एमबी पाटिल ने कहा कि इसकी संभावना बहुत कम है। पाटिल ने कहा, अगर वह (यतनाल) हमारी पार्टी में सदस्यता के लिए आवेदन भी करते हैं, तो भी एक विशेष धर्म के समुदाय के खिलाफ उनके अपमानजनक बयानों के कारण उन्हें शामिल करना मुश्किल है।