
कोलार. खान एवं भूविज्ञान मंत्री मुरुगेश निराणी ने कहा कि के.जी.एफ की सोने की खदानों की शीघ्र ही खोला जाएगा। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि यहां की खदानें विश्व में सबसे अधिक गहराई वाली हैं। इन खदानों को दोबारा आरंभ करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
इससे पहले वैश्विक निविदाओं को आमंत्रित किया था। लेकिन कोई भी कंपनी आगे नहीं आई। खदानों में कई जगह सोने के डिपाजिट्स दिखाई दिए हैं। देश में केवल केजीएफ में ही सोना मिलेगा। सौ सालों में यहां 800 टन सोना मिला है।
उन्होंने कहा कि भारत गोल्ड माइंस लिमिटेड (बीजीएमएल) की हजारों एकड़ जमीन है। यहांं आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होगा। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। इससे पांच लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। केंद्र सरकार ने खनिज का सही इस्तेमाल करने का आदेश दिया है। प्रदेश में 100 ,से अधिक खनिज से संबंधित कारखानों को एक साल के अंदर स्थापित करना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सोने की खदानों में टेल डम्प में सोना मिलेगा। हट्टी गोल्ड माइंस में 15 मिलियन टन मिट्टी का प्रसंस्करण करना है। खदानों में सोने के साथ अन्य खनिज भी मिलेंगे। सभी को प्राप्त करने आधुनिक तकनीक की जरूरत होगी। निराणी ने कहा कि विभिन्न खदानों के लिए 2000 आवेदन आए हैं। साल 2010 से अभी तक कुल 6000 अर्जिया लंबित है। इसे निपटाने के लिए खान अदालत का आयोजन होगा।
Published on:
29 May 2021 09:03 pm
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