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भारत वैश्विक ईएसजी अभियान का नेतृत्व कर सकता है : बीसीआईसी

वक्ताओं ने इस तथ्य को दोहराया कि ये पहल न केवल रोजगार पैदा कर रही हैं, बल्कि खनन से जुड़े प्रदूषण और पारिस्थितिकी क्षरण को कम करके पर्यावरण की भलाई में भी योगदान दे रही हैं।

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बेंगलूरु चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स Bangalore Chamber of Industry and Commerce ने शुक्रवार का ईएसजी लचीला भविष्य : टिकाऊ और अनुकूल व्यवसाय का निर्माण विषय पर एक सम्मेलन आयोजित की। सम्मेलन में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कर्नाटक रीसाइक्लिंग क्षेत्र में रोजगार सृजित करके और अभिनव डिजाइन और विनिर्माण को बढ़ावा देकर स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।

वक्ताओं ने इस तथ्य को दोहराया कि ये पहल न केवल रोजगार पैदा कर रही हैं, बल्कि खनन से जुड़े प्रदूषण और पारिस्थितिकी क्षरण को कम करके पर्यावरण की भलाई में भी योगदान दे रही हैं। कर्नाटक सरकार के पर्यावरण प्रबंधन एवं नीति अनुसंधान संस्थान (ईएमपीआरआई) के निदेशक ( प्रशासन) टी. महेश ने कहा, विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों को जलवायु परिवर्तन के लिए कर्नाटक राज्य कार्य योजना में पहचाने गए जलवायु कार्यों के साथ मुख्यधारा में लाया गया है, जिसमें स्पष्ट प्रदर्शन संकेतकों वाले 10 प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। पर्यावरणीय मानदंडों के आधार पर सार्वजनिक योजनाओं और कार्यक्रमों का मूल्यांकन करने के लिए एक ग्रीन इंडेक्स पोर्टल विकसित किया गया है।

बीबीएमपी ने शहर स्तर पर बेंगलूरु जलवायु कार्य योजना तैयार की है, जिसमें 270 से अधिक कार्रवाई योग्य बिंदु शामिल हैं। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को संबोधित करने के लिए 2025-26 के रोडमैप में एक नए फाउंडेशन के तहत 50,000 हेक्टेयर वनरोपण लक्ष्य शामिल हैं।बीसीआईसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत गोखले ने कहा कि आज खाद्य सुरक्षा, संसाधनों की कमी और जलवायु प्रभाव की चुनौतियों के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। एक वैश्विक समुदाय के रूप में, हमें अपने पारिस्थितिक तंत्रों के उत्पादन, उपभोग और रखरखाव के तरीके पर पुनर्विचार करना चाहिए।