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मुखर हुए असंतोष के स्वर

मंत्री पद न मिलने पर विधायकों ने जाहिर की नाराजगी

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मुखर हुए असंतोष के स्वर

बेंगलूरु. एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस व जनता दल-एस गठबंधन सरकार के दूसरे मंत्रिमण्डल विस्तार में मंत्री पद नहीं मिलने से कई विधायकों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। कई जगह समर्थकों ने नाराजगी जाहिर की तो मंत्री पद पाने को उत्सुक कई विधायकों ने खुलकर असंतोष जाहिर किया। मंत्री बनने के लिए उत्सुक पार्टी के वरिष्ठ नेता शामनूर शिवशंकरप्पा, रामलिंगा रेड्डी, एच.के.पाटिल, एम.कृष्णप्पा, रोशन बेग, बीसी पाटिल, बी. संगमेश मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलने से काफी नाराज नजर आए।


भारी पड़ेगी लिंगायतों की अनदेखी : शामनूर
बल्लारी जिले में भी नागेंद्र को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से नाराज समर्थकों ने सड़कों पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। शिवमोग्गा जिले के एक मात्र कांग्रेस विधायक बी. संगमेश ने उनको मंत्री पद का आश्वासन देकर अब केवल निगम का अध्यक्ष बनाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। दावणगेरे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामनूर शिवशंकरप्पा ने कहा कि वे मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने पर आलाकमान पर कोई दबाव नहीं डालेंगे। लेकिन, कैबिनेट विस्तार में लिंगायत समुदाय की अनदेखी आनेवाले दिनों में कांग्रेस को बहुत महंगी पड़ेगी।


समर्थकों से विमर्श के बाद फैसला : पाटिल
बीसी पाटिल ने हावेरी जिले की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि गत 35 वर्षों से हावेरी के किसी विधायक को मंत्री बनने का अवसर नहीं मिला है जबकि, विजयापुर जिले के तीन विधायकों को मंत्री बनाया गया है। गदग तथा हावेरी जिले में वे एक मात्र साधु लिंगायत समुदाय के विधायक हैं। इसके बावजूद उनको मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री तथा गठबंधन समन्वय समिति के अध्यक्ष सिद्धरामय्या ने उनको मंत्री बनाने का वादा किया था। लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वे अपने समर्थकों के साथ विचार-विमर्श कर फैसला करेंगे। मंत्रिमंडल के विस्तार में सामाजिक न्याय तथा विभिन्न जिलों के लिए एक समान प्रतिनिधित्व का मानदंड नहीं अपनाया गया।


रमेश के साथ ये नहीं होना चाहिए था : लक्ष्मी
बेलगावी ग्रामीण क्षेत्र की विधायक लक्ष्मी हेब्बालकर ने कहा है कि मंत्रिमंडल से हटाए गए जिले के वरिष्ठ नेता रमेश जारकीहोली के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। शनिवार को उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में इस बात से भी इनकार किया कि उनको रमेश को मंत्रिमंडल से हटाए जाने की जानकारी पहले सी प्राप्त थी। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में शामिल करने या नहीं करने का यह फैसला पार्टी आलाकमान का है, इस फैसले को स्वीकार करना हम सभी का दायित्व है। हम पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं, पार्टी हमें जो भी दायित्व देगी, उसको निभाने केलिए तैयार हैं।


कांग्रेस में आने को तैयार था : आर शंकर
राज्य में जब गठबंधन सरकार बन रही थी तब मंत्री पद देने के लिए मुझसे मनुहार करने वाले कांग्रेस के नेताओं ने आज बिना कोई कारण बताए मंत्रिमंडल से हटाकर मेरे साथ अन्याय किया है। पूर्व मंत्री आर. शंकर ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस के नेताओं से पूछेंगे कि उनको मंत्रिमंडल से क्यों हटाया गया है, जबकि उन्होंने कांग्रेस के नेताओं को स्पष्ट किया था कि वे कांग्रेस में शामिल होने के लिए तैयार हैं। शंकर से जब यह पूछा गया कि उनका अगला कदम क्या होगा ? तो उन्होंने कहा कि वे अपने समर्थकों के साथ विचार-विमर्श कर फैसला करेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा के किसी भी नेता ने उनसे संपर्क नहीं किया है।