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बच्चों के अध्ययन एवं विकास का किया मूल्यांकन

वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ, राजाजी नगर के तत्वावधान में कर्नाटक जैन स्वाध्याय संघ की ओर से राजाजीनगर स्थानक भवन में आयोजित दस दिवसीय बाल संस्कार शिविर के समापन समारोह में सभी शिविरार्थियों एवं सेवा देने वाले अध्यापकों को सम्मानित किया गया। संघ की ओर से पूर्ण उपस्थिति वालों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। स्वाध्याय […]

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वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ, राजाजी नगर के तत्वावधान में कर्नाटक जैन स्वाध्याय संघ की ओर से राजाजीनगर स्थानक भवन में आयोजित दस दिवसीय बाल संस्कार शिविर के समापन समारोह में सभी शिविरार्थियों एवं सेवा देने वाले अध्यापकों को सम्मानित किया गया। संघ की ओर से पूर्ण उपस्थिति वालों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। स्वाध्याय संघ के वरिष्ठ स्वाध्यायी सदस्यों ने बच्चों के अध्ययन एवं विकास का मूल्यांकन किया।स्वाध्याय संघ के संयोजक शांतिलाल बोहरा, राजाजी नगर संघ के अध्यक्ष प्रकाशचंद चाणोदिया, मंत्री नेमीचंद दलाल ने अपने विचार रखे। समारोह में बालिक-बालिकाओं ने शिविर के प्रति विचार प्रस्तुत किया। करीब 130 शिविरार्थियों ने भाग लिया था। आयोजन में स्थानीय संघ तथा स्थानीय महावीर जैन पाठशाला, त्रिशला महिला मंडल, त्रिशला बहू मंडल , पाठशाला समिति से दिनेश खींचा, विक्रम बाबेल का भी सहयोग रहा। मौके पर कर्नाटक स्वाध्याय संघ से देवीचंद सुराणा, संजय खिंवेसरा, राजाजी नगर संघ के उपाध्यक्ष रोशनलाल नाहर, सहमंत्री राकेश दलाल, कोषाध्यक्ष प्रसन्न भलगट, किशोर कुमार दलाल, पारसमल भलगट, मदनलाल गांधी, महिला मंडल से सुशीलाबाई बोहरा, रेखा पोखरना, अमृता भलगट, नीतू लुंकड़, नीतू सुराणा आदि मौजूद थे। संचालन सरिता कोठारी ने किया।

16 केंद्रों पर 1250 बच्चों ने लिया भाग

स्वाध्याय संघ के संयोजक शांतिलाल बोहरा ने बताया कि ग्रीष्म अवकाश के अवसर पर संघ की ओर से यशवंतपुर, मल्लेश्वरम, श्रीरामपुरम, राजाजी नगर, विजय नगर, ईटा गार्डन, अक्कीपेट, पार्क वेस्ट, चामराजपेट, हनुमंत नगर, त्यागराज नगर, जयनगर, बेंगलूरु सेंट्रल, विल्सन गार्डन, शांतिनगर, शूले, अलसूर, फ्रेजर टाउन सहित 18 केंद्रों पर आयोजित दस दिवसीय शिविर में चार वर्ष से बीस वर्ष के 1250 से बालक-बालिकाओं ने भाग लिया। शिविर में जैन धर्म एवं दर्शन तथा जीवन निर्माण का प्रशिक्षण कराया गया। शिविरों में 125 अध्यापक -अध्यापिकाओं एवं स्वाध्यायी सदस्यों ने प्रशिक्षण व्यवस्था में योगदान दिया। शिविरों में 125 अध्यापकों ने शैक्षणिक दायित्व निभाया। संघ के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ स्वाध्यायी सदस्यों ने प्रत्येक शिविर केंद्र का निरीक्षण किया। समापन दिवस पर सभी अध्यापकों का स्वाध्याय संघ ने अभिनंदन किया और शिविरार्थियों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए।