
CG News: छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा में राजहरा खदान समूह के पंजीकृत यूनियन के नेताओं की बैठक एटक कार्यालय भवन में हुई। सभी 6 यूनियन के नेता उपस्थित थे। बैठक नियमित कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की समस्याओं के संबंध में आयोजित थी। श्रमिक नेताओं ने बताया कि राजहरा टाउनशिप में अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। सिर्फ चहेतों को नियम विरुद्ध क्वार्टर आवंटित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा अधिकारी टाउनशिप में चल रहे ठेकों में ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। टाउनशिप में पहली बार पानी खोलने के ठेके में नगर प्रशासन के अधिकारी ने ठेका श्रमिकों का इंटरव्यू लिया। अधिकारी ने अपने पसंदीदा श्रमिकों को कार्य पर रख लिया है जो विवाद का कारण बना हुआ है। जिस ठेके में इंटरव्यू लेकर श्रमिकों की भर्ती की उसमें रोज 14 श्रमिकों को कार्य पर रखा जाना है लेकिन ठेकेदार 10 श्रमिकों को कार्य पर भेजता है। ठेकेदार पर पैनल्टी भी नहीं लगाई जा रही है। यह जांच का विषय है।
संयुक्त ट्रेड यूनियन के नेताओं ने बताया कि राजहरा खदान समूह में सुरक्षा गार्डों का ठेका भी चलता है। इसमें भी भ्रष्टाचार चल रहा है। जो सुरक्षा गार्ड कार्य ही नहीं करता है उसका नाम फर्जी तरीके से मास्टर रोल में डालकर बिल निकाल लिया गया है। आपराधिक मामला है। इसकी जांच होनी चाहिए।
वर्तमान ठेके में सुरक्षा गार्डों का वेतन समय से नहीं दिया जा रहा है। दो-दो महीने से वेतन नहीं दिया गया है। सुरक्षा गार्ड के ठेके को विवादित किया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व अधिकारी ने स्वयं सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी चिट निकाल कर तय की। दो दिन बाद अपने निर्णय को पलटते हुए कुछ सुरक्षा गार्डों का बिना चिट निकाले ही ड्यूटी पोस्ट चेंज कर दिया गया है जिससे बाकी सुरक्षा गार्डों में नाराजगी है।
नगर प्रशासन यूनियन के बार बार बोलने के बाद भी दो टाइम पानी नहीं दे रहा है। पानी खोलने के लिए 3 माह के लिए टेंडर निकाला जाता है, लेकिन आजतक टेंडर नहीं निकाला गया है। वहीं बीएसपी अस्पताल में एंबुलेंस के साथ जाने के लिए अटेंडेंट नहीं है। बैठक में एटक से कमलजीत सिंह मान, श्रीनीवास राव, इंटक से तिलक मानकर, बीएमएस से मुश्ताक अहमद, लखनलाल चौधरी, सीएमएसएस से सोमनाथ उइके जेएमएम से बसंत रावटे, पवन कुमार उपस्थित थे।
बीएसपी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 6 माह के लिए मकान आवंटन करने 9 लाख रुपए जमा कराया जाता है और नान बीएसपी से मात्र 2 लाख रुपए। भिलाई में लाइसेंस बेस पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मकान आवंटित किया जा रहा है। राजहरा में इस योजना को जानबूझकर लागू नहीं किया जा रहा है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि संपदा विभाग में क्वार्टर आवंटन में गड़बड़ी की जा रही है। नियमित कर्मचारियों के क्वार्टर की मरमत नहीं हो रही है। क्वार्टर जर्जर हो चुके हैं। खिड़की दरवाजे टूट चुके हैं कोट यार्ड की दीवारी गिरने की स्थिति में है। टाउनशिप की सड़कों का बुरा हाल है। आज तक डामरीकरण शुरू नहीं हुआ है।
टाउनशिप में इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस में सुरक्षा मापदंडों का उल्लंघन हो रहा है। एक भी ठेका श्रमिक स्कील्ड नहीं है। सभी को सेमी स्कील्ड की श्रेणी में रखा गया है। जिनका कार्य सिर्फ स्कील्ड श्रमिक की मदद करना है। अधिकारी इनसे दबाव पूर्वक स्कील्ड श्रमिक का कार्य करवा रहे हैं। ऐसे में कोई दुर्घटना होगी तो जिम्मेदार कौन होगा।
Published on:
22 Apr 2025 01:49 pm
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