
1200 से अधिक कन्याओं की पूजा कर कन्या भोज कराया।
बालोद. शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर गंगा मैया मंदिर झलमला में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन हुआ। देवी स्वरूपा 1200 से अधिक कन्याओं की पूजा कर जिला पंचायत सीईओ डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, पायल सोनी ने कन्या भोज कराया। मंदिर ट्रस्ट हर साल इस तरह का आयोजन करता है। इस बार भी ऐतिहासिक रूप से कन्या भोज कराया गया। कन्या भोज को देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे।
सभी कन्याओं को उपहार में मिली स्टील की थाली
मंदिर ट्रस्ट कन्या भोज में शामिल सभी देवी स्वरूपा कन्याओं को स्टील की थाली व धामा उपहार में दिया। रेडक्रॉस, मंदिर ट्रस्ट के सदस्य, आम जन सहित विभिन्न लोगों ने कन्याओं को खीर, पूड़ी, भोजन, पानी वितरण करने में सहयोग किया।
60 से अधिक स्कूल के बच्चे हुए शामिल
कन्या भोज के लिए 60 से अधिक स्कूल से लगभग एक हजार से अधिक बलिकाओं का पंजीयन था। इसके आलावा मां गंगा मैया के दर्शन करने आए लगभग 200 से अधिक छोटी बालिकाओं को भी कन्या भोज कराया गया।
मंदिर में पॉलीथिन प्रतिबंध
मंदिर परिसर में पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। मंदिर के व्यवस्थापक सोहन लाल टावरी ने बताया कि कुछ वर्षों से यहां पॉलीथिन प्रतिबंधित किया गया है। इस बार भी पॉलीथिन मुक्त भारत की पहल की गई।
गर्भ गृह से निकलेगा ज्योत जंवारा
सोमवार को विधि-विधान से वैदिक मंत्रों के साथ पूजा-अर्चना कर मां गंगा मैया के गर्भ गृह से ज्योत जंवारा विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी। 51 कुंवारे लड़के अपने सिर पर ज्योत जंवारा कलश धारण कर बाजे-गाजे व देवी जस गीतों के साथ मां गंगा मैया के उद्गम स्थल बांधा तालाब पहुंचेंगे और विसर्जन करेंगे।
Published on:
22 Oct 2023 11:50 pm
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