Hanuman Janamotsav 2025: इस मंदिर की प्रसिद्धि को लेकर इसे पर्यटन स्थल बनाने की मांग ग्रामीण व मंदिर समिति कर रही हैं। यहां जिसने भी सच्चे मन से भगवान बजरंग बली का स्मरण किया, उसकी मनोकामना पूरी हुई है
Hanuman Janamotsav 2025: बालोद जिले में भगवान हनुमान का जन्मोत्सव शनिवार 12 अप्रैल को धूमधाम से मनाया जाएगा। जिले के ग्राम कमरौद में 400 साल पुरानी भगवान हनुमान की प्रतिमा है। इसका आकार व ऊंचाई बढ़ने का दावा मंदिर समिति व भक्त करते हैं। जमीन से निकलने के कारण इसे भूंफोड़ बजरंग बली के नाम से छत्तीसगढ़ में जाना जाता है।
मंदिर समिति के मुताबिक यहां हर साल महाशिवरात्रि पर मेला लगता है। इस साल भी उत्साह के साथ भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाएंगे। दानदाताओं ने मिलकर भव्य शिवलिंग, गार्डन व मां काली की प्रतिमा का निर्माण कराया है। कई विकास कार्य हो रहे है। जिलेभर के हनुमान मंदिरों में जन्मोत्सव पर विशेष पूजा होगी। कई जगह भंडारा होगा। कई गांवों में शोभायात्रा भी निकाली जाएगी।
जिलेभर में शनिवार को भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। हम एक ऐसे गांव की बात बताने जा रहे हैं। जहां भगवान हनुमान ने पत्थर पर राम लिखकर समुद्र में फेंककर सेतु निर्माण कराया था। पत्थर समुद्र के पानी में तैरने लगता था। वही सेतु पत्थर जिले के ग्राम मटिया पी में हर साल हनुमान जन्मोत्सव के दिन मरुति नंदन भैया बैंक व ग्रामवासी कार्यक्रम आयोजित कर विशेष पूजा करते हैं। आज भी धार्मिक आयोजन स्थल पर एक टब में सेतु पत्थर दर्शन के लिए रखा हुआ है, जो पानी में तैर रहा है।
मंदिर की प्रसिद्धि को लेकर इसे पर्यटन स्थल बनाने की मांग ग्रामीण व मंदिर समिति कर रही हैं। यहां जिसने भी सच्चे मन से भगवान बजरंग बली का स्मरण किया, उसकी मनोकामना पूरी हुई है। यही वजह है कि मंदिर के प्रति लोगों की आस्था बढ़ रही है। दानदाताओं के सहयोग से आकर्षक मंदिर का निर्माण किया गया है। वर्तमान में यह मंदिर धार्मिक पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकासित हो रहा है। इसे और पहचान दिलाने शासन-प्रशासन को आगे आना चाहिए।