
CG News: तांदुला जलाशय में भालू की मौत के बाद कुल्लूबाहरा के जंगल में दफनाने के मामले की जांच रिपोर्ट आ गई है। 22 मार्च को जांच के लिए वन विभाग व पशु चिकित्सा विभाग की टीम बनाई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक भालू की मौत की जानकारी वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं दी गई। सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी हर्राठेमा भूषण लाल ढीमर के निर्देश पर भालू को दफनाया गया।
रिपोर्ट में लिखा है कि भालू के शव को दफनाते समय सुरक्षा श्रमिक कीर्तन कुंजाम ने चारों पंजे व गुप्तांग को काटा। पंजे को काटने में वन विभाग के अग्नि प्रहरी इंद्रराज ने भी सहयोग किया। भालू को वन विभाग सहायक वन परिक्षेत्र हर्राठेमा अंतर्गत मालगांव में पदस्थ भृत्य चरण कुमार साहू ने भी दफन करने में सहयोग किया। वन विभाग के नेकीनकुआं परिसर की रक्षक विशेखा नाग के पति ईश्वर लाल ठाकुर, मनोहर व चरण साहू मौजूद रहे। ईश्वर लाल ने अपनी पत्नी को भी नहीं बताया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में सभी दोषियों को सस्पेंड कर दिया गया है। भालू के पंजे को काटने और दफन करने वालों को कोर्ट में पेश करने वन परिक्षेत्र अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 50 (अ), (स) धारा (क), धारा 2 (16), (ए). (बी), (सी) के तहत प्रकरण कोर्ट में पेश किया जाएगा।
रिपोर्ट में यह बातें भी आई सामने
डीएफओ बलभद्र सरोटे ने 24 मार्च को सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी भूषण लाल ढीमर, वन रक्षक बिशेखा नाग व मुल्ले के वन रक्षक डरेन पटेल को सस्पेंड कर दिया था। अब दो और वन कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक कीर्तन कुंजाम पिता कलीराम कुंजाम निवासी मालगांव, इंद्रराज पिता सताराम निवासी देउतराई अग्नि प्रहरी औराभाठा परिसर ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए न्यायालय में मामला प्रस्तुत करने वन परिक्षेत्र अधिकारी बालोद को निर्देशित किया गया है। सभी दोषियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
Published on:
17 Apr 2025 02:02 pm
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