
Balaghat Tribal Children Deaths: अभिजीत दीपके ने शेयर किया बालाघाट के गांव के पानी का वीडियो (फोटो सोर्स- Abhijeet Dipke Instagram)
Balaghat Tribal Children Deaths: मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। कुछ दिन पहले नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एमपी सरकार की आलोचना की थी। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने भी जिले के प्रभावित गांवों का दौरा किया। दिपके सरकार पर लगातार बयान दे रहे हैं। प्रभावित गांवों का दौरा करने के बाद दिपके ने एक्स पर एक पत्र पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने खुद को मप्र का सीएम बताते हुए तत्काल प्रभाव से पद से इस्तीफा देने की बात कही। दीपक यह पत्र व्यंग के तौर पर पोस्ट किया था। दीपके ने देर रात बालाघाट का एक वीडियो भी शेयर किया जिसमे उन्होंने दवा किया कि गांव के नल से मटमैला पानी निकल रहा है।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल के नाम संबोधित पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। रविवार को जारी पत्र में दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग किया है। दिपके ने लिखा कि वे सीएम के रूप में प्रदेश की जनता की सेवा करने में विफल रहे हैं, खासकर 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के बाद उनका विवेक उन्हें पद पर बने रहने की परिजनों को दिए जा रहे मुआवजे पर अनुमति नहीं देता। दिपके ने बच्चों के घोषित की थी, जिसे विरोध के बाद कहा कि पहले दो लाख सहायता बढ़ाकर 4 लाख किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और स्कूलों की स्थिति पर भी प्रश्न लगाया, 'हर घर नल योजना' पर भी सवाल उठाए।
दीपके द्वारा व्यंगातमत इस्तीफे वाले पत्र को अपलोड करने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीती गरमा गई। परिवहन मंत्री और बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने दीपके पर निशाना साधा। मंत्री ने आरोप, लगाया कि बाहरी लोग बालाघाट में जाकर माहौल खराब कर रहे है। वहीं, भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि दीपके सदन के सदस्य नहीं है और न ही मध्य प्रदेश मखौल का स्थान है।
कॉकरोच जनता पार्टी के के अभिजीत दिपके के बालाघाट के प्रभावित गांवों के दौरे के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया मौत के बाद विभाग ने मौजूदा स्वास्थ्य के सुदृढ़ीकरण के लिए 2 करोड़ स्वीकृत किए हर साथ ही दो नए पीएचसी, एक एसए साथ होदो ना एमएमयू को स्वीकृति के निर्देश दिए गए हैं। विभाग विभाग ने जरूरत के अनुरूप 67 नए मेडिकल ऑफिसर्स की संस्थानों के पदस्थापना भी बालाघाट जिले में की है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रविवार को भोपाल स्थित निवास बालाघाट की स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यालय से वीसी के माध्यम से समीक्षा की। शुक्ल ने जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों की पहचान एवं उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से से क्षेत्रों का दौरा करने और मैदानी अमले की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
देर रात सीजेपी के अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें एक गांव के नल से मटमैला पानी निकलता दिख रहा है। दीपक ने दावा किया कि यह गांव बालाघाट जिले का है। उन्होंने वीडियो शेयर कर लिखा कि- क्या मंत्री-विधायक अपने बच्चों को ये वाला पानी पिलाएंगे।
Updated on:
14 Sep 2026, 10:21 AM IST
Published on:
14 Sep 2026, 10:21 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.