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चिंता में डूबा शहरी किसान, लाभ पर संशय

-शहरी क्षेत्र में नहीं लगे फार्मर आईडी शिविर चौमूं.सरकार की ओर से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से डिजिटल किसान आईडी बनाई जा रही है। यहां प्रदेश में 31 मार्च तक साढ़े 73 लाख से अधिक किसानों की डिजिटल आईडी बन चुकी है। वहीं जयपुर जिले की बात की जाए तो […]

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Kailash Barala

Apr 21, 2025

-शहरी क्षेत्र में नहीं लगे फार्मर आईडी शिविर

चौमूं.
सरकार की ओर से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से डिजिटल किसान आईडी बनाई जा रही है। यहां प्रदेश में 31 मार्च तक साढ़े 73 लाख से अधिक किसानों की डिजिटल आईडी बन चुकी है। वहीं जयपुर जिले की बात की जाए तो 3.45 लाख किसान फार्मर आइडी के लिए पंजीयन करवा चुके है, लेकिन विडंबना है कि सरकार का अब तक शहरी सीमा में रहने वाले किसानों के लिए शिविर लगाए जाने को लेकर ध्यान नहीं है। ऐसे में जयपुर जिले के हजारों किसानों में सरकारी योजनाओं से लाभ नहीं मिलने का संशय बना हुआ है। स्थिति यह है कि शहरी सीमा में रहने वाले किसान फार्मर आईडी को लेकर नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं में चक्कर काट रहे है।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि और कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ देने को लेकर सरकार की ओर से प्रदेशभर में 5 फरवरी से ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर शुरू किए गए थे। जयपुर में किसान फार्मर आइडी अभियान ग्राम स्तर पर 5 फरवरी से 31 मार्च तक किया है। वर्तमान में फॉलोअप शिविर में लगाए जा रहे है, लेकिन शहरी सीमा में आने वालें किसानों के लिए आइडी बनवाने को लेकर अब तक गाइड लाइन जारी नहीं की गई है। ना ही इन किसानों को जागरूक किया जा रहा है। शहरी सीमा में रहने वाले किसानों में चिंता का विषय बन रहा है कि वे योजनाओं से वंचित नहीं रह जाए। (कासं.)

जिले में हजारों किसान वंचित 
नगर परिषद और नगर पालिकाओं की सीमा में आने वाले जयपुर जिले में तकरीबन हजारों किसान अब तक फार्मर आईडी बनवाने से वंचित है। जिले के चौमूं नगर परिषद की सीमा में तकरीबन 5 हजार से अधिक किसान है। जिनको किसान फार्मर आइडी शिविरों का इंतजार है।

11 अंकों की विशिष्ट फार्मर आईडी जारी
अभियान के तहत ग्राम स्तर पर प्रत्येक किसान को विशिष्ट फार्मर आईडी 11 अंकों की जारी की जा रही है। ताकि भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं व सेवाओं तक आसान पहुंच हो सके। प्रशासन के मुताबिक प्रधानमंत्री किसान/मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से प्राप्त आईडी उपयोगी है।

जिले की तहसील
तहसील  ग्राम स्तर पर पंजीयन
चौमूं  41173
कि.रेनवाल 19029
फुलेरा  20878
दूदू  15734
शाहपुरा  25604
जोबनेर  15075
बस्सी  20442
तूंगा   12786
मोजमाबाद 17238
आमेर  16458
सांगानेर  15297
जमवारामगढ़ 18598
माधोराजपुरा 13154
कोटखावदा 12403
चाकसू  16224
आंधी  16820
रामपुरा डाबड़ी 9521
जालसू  12857
कालवाड़ 9276
फागी  14257
जयपुर  695

किसान बोले:
चौमूं नगर परिषद के किसान गंगाराम जाट का कहना है कि समझ नहीं आ रहा है कि किसान फार्मर आईडी के लिए पंजीकरण कहां करवा जाए। उन्हें योजनाओं से वंचित रहने का डर सता रहा है।

शाहपुरा नगर परिषद के किसान जगदीश प्रसाद ने बताया कि शहर में फार्मर आईडी के लिए शिविर नहीं लग रहे है। ऐसे में सरकार की किसान सम्मान निधि, कृषि विभाग की योजनाएं, अल्पकालीन फसली ऋण समेत अन्य सरकारी योजनाओं से लाभ से वंचित हो सकते हैं।

इनका कहना है:
अभी सरकार की ओर कोई दिशानिर्देश प्राप्त नहीं हुए है। जैसे ही सरकार शहरी क्षेत्र के किसानों के लिए फार्मर आईडी बनाने के आदेश जारी करती है। वैसी ही सांभर और आसपास के शहरी क्षेत्र के किसानों के लिए भी शिविर शुरू करवा दिए जाएंगे।
—–कृष्णा शर्मा, तहसीलदार, सांभरलेक।

सरकार की ओर से शिविर लगाए जाने को लेकर निर्देश प्राप्त होते ही पालना की जाएगी।

डॉ. विजयपाल विश्रोई, तहसीलदार, चौमूं।

अभी नगर परिषद में शिविर लगाने को लेकर कोई गाइड लाइन नहीं मिली है। किसान शिविर लगाने को लेकर भी जानकारी जुटा रहे है। इसको लेकर सरकार को अवगत कराया जाएगा।
—–बंशीधर सैनी, सभापति, नगर परिषद शाहपुरा।