शहरी किसानों का नहीं हुआ पंजीयन
चौमूं. ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम स्तर पर सरकार की ओर से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से 5 फरवरी से लेकर 31 मार्च तक डिजिटल किसान आईडी बनाने के लिए शिविर लगाए हैं। इसके बाद कोई वंचित नहीं रहे, इसको लेकर भी 1 अप्रेल से फॉलोअप शिविर लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक शहरी क्षेत्र में निवास करने वाले किसानों की फार्मर आईडी बनाने को लेकर शिविर लगाने की कोई गाइड लाइन जारी नहीं की है। ऐसे में शहरी सीमा में रहने वाले किसान फार्मर आईडी नहीं बनने से कहीं सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रह जाए, इसको लेकर चिंतित नजर आ रहे है। सोमवार को चौमूं शहर में खादी बाग रोड पर नगर परिषद सीमा में रहने वाले अनेक किसानों ने परिचर्चा की और मामले को सीएम तक पहुंचाने का आह्वान किया। ताकि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की तर्ज पर उनकी भी फार्मर आईडी बन सके। परिचर्चा में किसानों का कहना था कि फार्मर आईडी को लेकर नगर परिषद एवं तहसील कार्यालय में कई बार चक्कर काट चुके है, लेकिन शिविर लगाए जाने को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में शिविर लगाए जाकर किसानों की आईडी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में आईडी से वंचित रहने पर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि और कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिलने का संशय बना हुआ है। सरकार की ओर से ग्राम पंचायत स्तर पर 5 फरवरी से 31 मार्च तक शिविर लगाए गए है। इसके बाद फॉलोअप शिविर लगाए जा रहे है, लेकिन शहरी सीमा में रहने वाले किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। इस दौरान किसान एवं पूर्व पार्षद मोहनलाल यादव, नंदकिशोर यादव, शंकरलाल गरेड, सोहनलाल यादव, भगवान सहाय सैनी, गोपाललाल यादव, रतनलाल यादव, सीताराम गरेड, उमराव यादव, सुरेश जाट, प्रहलाद गुलिया, महादेव प्रसाद ने बताया कि मामले से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि जिलेभर में शहरी सीमा में रहने वाले किसानों के लिए अभी तक शिविर नहीं लगाए गए है। जिससे हजारों किसान आईडी बनवाने से वंचित है। (कासं.)
20वीं किस्त नहीं मिलने का संशय
परिचर्चा में किसानों ने बताया कि बिना फार्मर आईडी वाले किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त नहीं मिलने का संशय बना हुआ है। सरकार की ओर से आगामी समय में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी की जाएगी। जबकि शहरी सीमा में रहने वाले किसानों के लिए फार्मर आईडी बनाने को लेकर शिविर आयोजित ही नहीं किए गए है।
गाइड लाइन करें जारी
परिचर्चा में किसानों की मांग थी कि शहरी सीमा में रहने वाले किसानों की आईडी बनाने को लेकर सरकार को जल्द ही गाइड लाइन जारी करनी चाहिए। अब तक शहरी सीमा में निवास करने वाले किसान 11 अंकों की विशिष्ट फार्मर आईडी से वंचित है। इससे योजनाओं से वंचित रहने का डर सता रहा है।
इन योजनाओं से वंचित रहने की चिंता
जानकारी के अनुसार किसान आईडी के माध्यम से सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकेगी। पात्र किसान का प्रधानमंत्री-किसान/मुख्यमंत्री-किसान सम्मान निधि योजना, अन्य योजनाओं में स्वत: जुडऩा सम्भव होगा। किसान की फसल के अनुसार डिजिटल तरीके से फसलों का बीमा संभव होगा। इसके अलावा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड द्वारा ऋण आसानी एवं शीघ्रता से मिल सकेगा। किसान अपनी फसलों, मृदा की स्थिति और कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुसार परामर्श सेवाएं प्राप्त करने सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।