
राममंदिर निर्माण को लेकर देश-विदेश में उत्साह का वातावरण है और नियमित करोड़ो रुपए निर्माण के लिए अब भी आ रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद और मंदिर निर्माण समिति की तरफ से आगामी जनवरी माह में मकर संक्रांति के बाद उद्घाटन की घोषणा की गई है।

मकर संक्रांति के बाद मंदिर के मूल स्थान का निर्माण लगभग पूरा कर उद्घाटन कर दिया जाएगा। जिससे जन्म भूमि के मूल स्थान पर नियमित पूजा अर्चना और दर्शन शुरू किया जा सके।

राममंदिर निर्माण के साथ ही यहां पर प्रवचन कक्ष, ध्यान कक्ष, सभागार, संग्रहालय, पुस्तकालय, रामायण संबंधित संग्रहालय और पुरातत्व संबंधित कक्ष आदि का निर्माण किया जाना है।

मंदिर दर्शन करने आने वाले भक्त राम जन्मस्थान पर मंदिर का दर्शन करने के बाद इतिहास से जुड़े पुरातात्विक चीजों का भी दर्शन करेंगे।

इसके अलावा भगवान राम के जीवन से जुड़ी अनेक शोध और पुस्तकों का संग्रहालय बनाया जाएगा। दुनिया भर में प्रचलित रामलीलाओं की झांकी का भी निर्माण किया जाएगा।

अयोध्या के नया घाट के पास त्रेता के ठाकुर मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाना है जो कि अति प्राचीन मंदिर है। इसके अलावा नागेश्वर महादेव मंदिर का भी कायापलट किया जाएगा। मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना स्वयं भगवान राम ने किया था।

अयोध्या में मणिराम दास छावनी और तुलसी स्मारक सदन को भी भव्य बनाए जाने की योजना है। गुप्तार घाट, दंत धावन कुंड और देवकाली मंदिर को भी भव्य स्वरुप देने की योजना है।

विश्व हिंदू परिषद की योजना है कि अयोघ्या और आसपास के सभी पौराणिक और प्राचीन मंदिरों को अयोध्या सर्किट के तहत अंतरराष्ट्रीय पहचान के रुप में स्थापित किया जाए।

अयोध्या में मणिराम दास छावनी और तुलसी स्मारक सदन को भी भव्य बनाए जाने की योजना है। गुप्तार घाट, दंत धावन कुंड और देवकाली मंदिर को भी भव्य स्वरुप देने की योजना है।