14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

केंद्र सरकार की अटल अमृत योजना के तहत अयोध्या में स्टार्म वॉटर योजना को मिली स्वीकृति

अयोध्या में सरयू की पवित्रता और शुद्धता को बनाए रखने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने तेज़ किये साझा प्रयास

2 min read
Google source verification
Sanction to Storm Water Scheme In Ayodhya On Saryu

अयोध्या : सरयू तट पर बसी राम नगरी अयोध्या को सुन्दर बनाने को लेकर कई योजनाओ के तहत कार्य किये जाने है . जिसको लेकर प्रधानमंत्री मोदी तथा मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ कार्य कर रहे है .धार्मिक नगरी अयोध्या और सरयू नदी का गहरा सम्बन्ध है इसलिए इस पवित्र नदी की अविरलता और स्वक्षता को बरकरार रखने के लिए सरयू नदी को स्वच्छ बनाने के लिए नदी में गिर रहे नालो को रोकने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा चल रही अटल अमृत योजना में जल निगम की ओर से प्रस्तावित स्टार्म वॉटर योजना को शामिल करने की हरी झंडी मिल गयी है . जिसके पूर्व निरीक्षण के दौरान पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में सरयू नदी में नाले सीधे गिरते पाए गए थे. इनमें नाला सद्गुरु सदन गोलाघाट के निकट, कंचन भवन के सामने ऋणमोचन घाट पर, कंधरपुर राजघाट, प्रह्ललाद घाट व चक्रतीर्थ संतोष माता मंदिर के निकट है .


अयोध्या में सरयू की पवित्रता और शुद्धता को बनाए रखने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने तेज़ किये साझा प्रयास
नगर ईकाई के परियोजना प्रबंधक आर बी श्रीवास्तव ने बताया कि इन नालों को टेपिंग के माध्यम से बंद कर इसके गंदे पानी को रामघाट स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में मिलाने की योजना तैयार की गई थी. जिसके अनुसार इसके लिए करीब 47 करोड़ का प्रपोजल शासन को प्रेषित किया गया था . लेकिन शासन द्वारा कोई अनुमति नहीं मिली .फिलहाल अयोध्या भ्रमण के दौरान सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण में उन्होंने पाया कि 12 एमएलडी क्षमता के इस प्लांट को पर्याप्त पानी ही नहीं मिल रहा है जिसके कारण प्लांट बंद पड़ा है. इसी के चलते उन्होंने जल निगम के अभियंताओं की जमकर फटकार भी लगाई थी. वहीँ जल निगम के अभियंता ने इससे इंकार करते हुए बताया कि प्रमुख सचिव के निरीक्षण के दौरान ही विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी इसी के चलते उन्हें प्लांट बंद मिला था . जल निगम के अभियंता ने बताया कि जनरेटर के जरिए प्लांट को चालू कर दिया गया था . निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव ने इस मुद्दे पर अभियंताओं से जवाब-तलब किया गया था . इसके बाद अभियंताओं ने अपना स्पष्टीकरण देने के साथ ही स्ट्रार्म वाटर योजना को लेकर हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेश का भी हवाला दिया तब जाकर शासन ने योजना को हरी झंडी प्रदान की. परियोजना प्रबंधक आर बी श्रीवास्तव ने बताया कि शासन ने प्रस्तावित करीब 47 करोड़ का प्रपोजल योजना की स्वीकृति के साथ अपनी संस्तुति केन्द्र सरकार को प्रेषित कर दी है .