पूर्व के वर्षों में भी पुल का दो पाया नदी की बाढ़ में बहा था और पुल ढह गया था। नदी में दुबारा पाया खड़ा कर पुल के ढहे भाग की मरम्मत कराई गई थी और आवागमन बहाल किया गया था। इस बार भी पुल का वही पाया बहा और पुल वहीं धंसा जहां पहले धंसा था। पुल धंसने से दक्षिणी इलाके का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से कट गया है।