धर्म/ज्योतिष

Mercury Set: बुध अस्त से कहीं खुशी कहीं गम, जानें व्यापार में रहेगी तेजी या मंदी की आशंका

Mercury Set in Pisces: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के उदय अस्त का देश दुनिया पर बड़ा असर पड़ता है। ग्रहों के राजकुमार बुध 17 मार्च को अस्त हो गए हैं। आइये ज्योतिषी आशुतोष वार्ष्णेय से जानते हैं बुध अस्त का प्रभाव क्या होगा (Budh Ast Ka Fal)

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Mar 18, 2025
Mercury Set in Pisces Effects: बुध अस्त का प्रभाव

Budh Ast Ka Fal: ज्योतिषियों के अनुसार संचार और व्यापार के कारक ग्रह का अस्त होना इन क्षेत्रों पर बड़ा असर डालता है। इसलिए जब बुध अस्त हो रहे हैं तो व्यापार, राजनीति प्रशासन, शेयर बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

पंचांग के अनुसार 2 अप्रैल बुधवार को सुबह 5.28 बजे तक बुध अस्त अवस्था में रहेंगे। आइये जानते हैं तब तक कैसा चलेगा व्यापार, शेयर मार्केट

बुध अस्त का व्यापार पर प्रभाव (Budh Ast Ka Fal On Business)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध अस्त से व्यापार में लाभ की संभावना है। हालांकि विदेश से धन पाने में देरी हो सकती है। भारत समेत दुनियाभर के आर्टिस्ट और रचनात्मकता से संबंधित व्यापार करने वाले लोगों को व्यापार में मंदी देखने को मिल सकती है। वहीं बुध अस्त के कारण गलतफहमी, बातचीत की कमी और अव्यवस्था जैसी समस्याएं बड़ी कंपनियों में दिख सकती हैं।

इन्हें रहना चाहिए संभलकर

बुध के अस्त होने से सरकार के बड़े नेताओं, अधिकारियों की जुबान फिसने से समस्याएं बढ़ती नजर आ सकती हैं। इसके लिए माफी मांगनी पड़ सकती है। बुध अस्त के प्रभाव से विदेशी समस्याएं बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।


बुध अस्त के दौरान मशहूर हस्तियां और बड़े पदों पर बैठे लोग मीडिया के सवाल पूछने से चिढ़ सकते हैं या फिर थोड़े असहज हो सकते हैं। जिन लोगों का संबंध कम्युनिकेशन उदाहरण के लिए जर्नलिज्म, काउंसिलिंग फील्ड से है, उनके सामने अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों द्वारा समस्या उत्पन्न की जा सकती है।

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अगले 16 दिन काउंसलर और मोटिवेशनल स्पीकर जैसे करियर वालों को कामकाज में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है।


मीन राशि में अस्त का शेयर बाजार पर असर (Budh Ast Ka Fal On Stock Market)

ज्योतिषी वार्ष्णेय के अनुसार बुध 17 मार्च को मीन राशि में अस्त हो चुके हैं। अब 16 दिन इसी अवस्था में रहेंगे। ऐसे में बुध की शक्ति कमजोर होने से वे पूरा परिणाम नहीं दे पाएंगे और संचार व्यापार में दिक्कत आएगी।

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इसका असर महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम करने वाली रिसर्च फर्म पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है। इससे योजना में देरी हो सकती है।

अच्छी बात ये है कि इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स, पावर, चाय-कॉफी इंडस्ट्री, सीमेंट, केमिकल, हीरा, और हैवी इंजीनियरिंग आदि का प्रदर्शन शानदार रहेगा। जबकि विशेष रूप से टेक्नोलॉजी सेक्टर में मंदी आ सकती है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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