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अस्पताल में आग लगी तो क्या करोगे…? गार्ड बोला- भाग जाएंगे

कायाकल्प: विभाग की दो सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण, जानी अस्पताल की हकीकत

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अशोकनगर। स्वास्थ्य विभाग की निरीक्षण टीम ने गार्ड से पूछा कि यदि अस्पताल में आग लगी तो सबसे पहले क्या करोगे, इस पर गार्ड ने जवाब दिया कि भाग जाएंगे। तो वहीं नर्स ने कहा- पहले आग बुझाएंगे, लेकिन वह फायर सिलेंडर ही नहीं उतार पाईं और काफी देर के बाद जब उतार लिया तो उसका वजन सहन नहीं कर पाईं। इस पर टीम ने छोटे फायर सिलेंडर लगाने के लिए कहा।

मामला जिला अस्पताल का है। जहां पर कायाकल्प का निरीक्षण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की दो सदस्यीय टीम पहुंची। इसमें भिंड के डीएचओ डॉ. देवेश शर्मा और जिला क्वालिटी मैनेजर बृह्मभूषण पुरोहित शामिल थे। टीम ने आइसीयू में पहुंचकर गार्ड से आग लगने के बाद किए जाने वाले पहले काम के बारे में पूछा और गार्ड ने कहा भाग जाएंगे तो टीम ने कहा कि पहला काम यह होना चाहिए कि मरीजों को सुरक्षित कैसे निकाला जाए। यदि आग ज्यादा लगती है तो खुद का बचाव करके भागा जाए। साथ ही नर्स से पूछा कि फायर सिलेंडर में कौन सी गैस होती है जो जवाब मिला कार्बनडाई ऑक्साइड, इस पर टीम ने कहा कि यह कार्बन डाई ऑक्साइड नहीं बल्कि अलग तरह का पदार्थ होता है जो मरीजों को घातक होता है।

दुरुस्त कराना ही मुख्य अभियान

टीम के डॉ. देवेश शर्मा ने कहा कि उन्हें जिला अस्पताल व मुंगावली सिविल अस्पताल के निरीक्षण की जिम्मेदारी मिली है। कमियां तो हर जगह होती हैं, लेकिन कुछ अच्छे कार्य भी होते हैं, इन अच्छे कामों को सभी अस्पतालों में कैसे शुरू कराया जाए, इस पर विशेष ध्यान रहता है और इस निरीक्षण के माध्यम से कमियों को दुरुस्त कराना ही कायाकल्प का मुख्य अभियान है। साथ ही जिला अस्पताल के कार्य की तारीफ भी की और कहा कि यदि यहां काम नहीं होता तो इतनी मरीजों की भीड़ यहां नहीं दिखती।

सफाई कर्मचारियों को पहनाए ग्लब्स

जिला अस्पताल में निरीक्षण करने कायाकल्प की टीम पहुंची तो सफाई कर्मचारियों को अस्पताल ने जल्दी-जल्दी ग्लब्स पहनाए। साथ ही इस दौरान डॉक्टर व कर्मचारी एप्रिन पहने व आईकार्ड लगाकर काम करते दिखे। इस दौरान कई कर्मचारी बिना आईकार्ड मिले तो उन्हें भी आईकार्ड लगाने की सलाह दी गई। साथ ही टीम ने इमरजेंसी कक्ष में पहुंचकर सर्जिकल टांके, पट्टियां, कैंची व औजारों की जानकारी ली और उनकी सफाई के बारे में भी पूछा, कर्मचारी जानकारी नहीं दे पाए तो टीम ने कहा कि आप थोड़ा और पढ़ें। वहीं पार्कों व ड्यूटी रूम का निरीक्षण किया और खुले पड़े तारों की भी जानकारी ली।