Takiya Majar: अंजुमन कमेटी व ग्राम पंचायत तकिया के बीच बनी गहमागहमी की स्थिति, मामला पहुंचा थाना, पुलिस ने दोनों पक्षों से की शांति बनाए रखने की अपील
अंबिकापुर. शहर के सद्भावना ग्राम तकिया में मजार (Takiya Majar) और काली मंदिर स्थित है। यहां प्रति वर्ष उर्स मेले का आयोजन किया जाता है। जिसका संचालन अंजुमन कमेटी द्वारा किया जाता है। संचालन को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत व अंजुमन कमेटी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि मजार व काली मंदिर का रख रखाव ग्राम पंचायत द्वारा किया जाए।
मंगलवार को ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा बुलाकर तकिया मजार को अंजुमन कमेटी के कब्जे से मुक्त कराने का प्रस्ताव रखा गया। जहां सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए दरगाह शरीफ तकिया मजार (Takiya Majar) को ग्राम पंचायत ने अपने हैंड ओवर ले लिया है। इसे लेकर स्थानीय लोग व अंजुमन कमेटी के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।
तकिया मजार (Takiya Majar) के पास गहमागहमी की स्थिति निर्मित हो गई। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया और दोनों पक्षों को थाने ले गए। यहां कोतवाली प्रभारी मनीष सिंह परिहार ने दोनों पक्षों की बाते सुनीं और मामले में शांति बनाए रखने की अपील की।
ग्राम पंचायत का आरोप है कि मजार (Takiya Majar) और मंदिर की देखरेख का खर्च पंचायत मद से होता था। जबकि अंजुमन कमेटी मजार पर अपना मालिकाना हक जमा बैठी थी। चंदे और चढ़ावे के पैसे को अंजुमन कमेटी रखा करती थी। जबकि ऑडिट रिपोर्ट भी कलेक्टर को कमेटी द्वारा नहीं सौंपा जाता था, जिसका विरोध लंबे समय से ग्राम पंचायत कर रही थी।
वहीं मंगलवार को ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा बुलाकर तकिया मजार को अंजुमन कमेटी के कब्जा मुक्त कराने का प्रस्ताव रखा गया। जहां सर्व सहमति से प्रस्ताव को पारित करते हुए दरगाह शरीफ तकिया मजार को ग्राम पंचायत ने अपने हैंड ओवर ले लिया है।
अंबिकापुर के जनपद उपाध्यक्ष सतीश यादव का कहना है कि तकिया में मजार (Takiya Majar) व मंदिर है। पूर्व में अंजुमन कमेटी द्वारा संचालित किया जा रहा था, जबकि साफ-सफाई से लेकन निर्माण कार्य तक ग्राम पंचायत द्वारा कराया जाता रहा है। आज से अपने अधीन ले लिए हैं। ग्राम पंचायत के दोनों समुदाय के लोग मिलकर संचालित करेंगे।
अंजुमन कमेटी के सचिव अफजाल का कहना है कि तकिया मजार (Takiya Majar) का संचालन अंजुमन कमेटी द्वारा वर्षों से संचालित किया जा रहा है। कमेटी के पास इसके कागजात भी हैं। अब ग्राम पंचायत इस पर हक जमाना चाहता है।