रामगढ़ के पूर्व विधायक और बीजेपी के वरिष्ठ नेता ज्ञानदेव आहूजा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। सोमवार को उन्होंने अपनाघर शालीमार स्थित रामलला मंदिर में गंगाजल का छिड़काव किया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। अब बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है। इस मामले को लेकर मंगलवार को अलवर जिला कांग्रेस कमेटी की अगुवाई में अंबेडकर सर्किल पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ नारेबाजी की और उनके बयान व व्यवहार की कड़ी निंदा की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी समाज को बांटने की राजनीति कर रही है और इस प्रकार के कार्य उसकी सोच को दर्शाते हैं। गौरतलब है कि 7 अप्रैल को ज्ञानदेव आहूजा अपनाघर शालीमार स्थित रामलला मंदिर पहुंचे थे और मंदिर में गंगाजल का छिड़काव किया था। ज्ञानदेव आहूजा ने कहा था कि कि रामनवमी के दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान कांग्रेसियों को भी बुलाया गया, जिससे मंदिर अपवित्र हो गया। मैंने गंगाजल छिड़ककर पवित्र किया है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
ज्ञानदेव आहूजा हुए निलंबित
मंगलवार को बीजेपी की ओर से उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। पार्टी ने कहा है कि आपके इस प्रकार के कथन तथा कृत्य से पार्टी की छवि धूमिल हुई है। आपका यह कृत्य घोर अनुशासनहीनता की परिभाषा में आता है। साथ ही आहूजा से तीन दिवस में लिखित में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।