
अलवर की सिलीसेढ़ झील राजस्थान की प्रमुख झीलों में शुमार है। दिल्ली व जयपुर के बीच होने के कारण इस झील पर काफी संख्या में पर्यटक आते हैं। सिलीसेढ़ झील 7 किलोमीटर लंबी है। झील में पर्यटक बोटिंग का लुत्फ भी उठाते है। सिलीसेढ़ झील के किनारे सन् 1840 में पूर्व राजघराने के महाराजा विनय सिंह ने पैलेेस का निर्माण कराया। जो अब होटल सिलीसेढ़ लेक पैलेस के नाम से जाना जाता है। यह पैलेस पहाड़ों के बीचों-बीच बनाया गया है जिसका एक हिस्सा पानी में रहता है। सिलीसेढ़ झील के बीच में लाइट हाउस स्थित है जहां पूर्व महाराजा के समय में उत्सव हुआ करते थे। अधिक बारिश होने पर झील पर चादर चलती है जिसे देखने दूर-दूर से लोग आते हैं। वहीं शाम के समय डूबते सूरज के साथ झील का दृश्य काफी मनमोहक दिखता है।



