कौन है विक्रम उर्फ पपला गुर्जर महेंद्रगढ़ जिले के गांव खरोली का रहने वाला गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला गुर्जर कई जिलों में आतंक का पर्याय बना हुआ है। यह कुछ साल पहले ही अपराध की दुनिया में चर्चा में आया था। पपला के एक भाई व एक बहन है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अपने गुरु शक्ति गुर्जर की हत्या का बदला लेने के लिए पपला ने अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद देखते ही देखते पपला गुर्जर ने अपने दोस्त वीरेन के साथ मिलकर हरियाणा में चार हत्याओं को दिया।
चार हत्या व दर्जनों अन्य मामले दर्ज पुलिस के अनुसार पपला के आतंक से परेशान होकर उस पर एक लाख रुपए के ईनाम की घोषणा की गई। जिसका नतीजा भी जल्द ही मिला और फरवरी 2016 में पुलिस को सूचना मिली की पपला अपने गांव में देखा गया है। हरियाणा पुलिस ने मौके का फायदा उठाते हुए दबिश दी और उसके गांव से दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय पुलिस को पपला के पास से दो पिस्टल भी बरामद हुई। पपला पर हत्या के चार मुकदमे, हत्या की कोशिश और लड़ाई-झगड़े के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
2017 में न्यायालय में पेशी के दौरान भी छुड़ाया पुलिस की गिरफ्त में भी पपला अपनी गैंग के जरिए अपराध की दुनिया में चर्चित रहा। जेल से अपने गुर्गों के जरिए पपला अपनी गुंडागर्दी चलाता रहा। 8 सितंबर 2017 में खरोली महेंद्रगढ़ न्यायालय में पेश करने ले जाते समय भी पुलिसकर्मियों पर फायरिंग व घायल कर बदमाश पपला फरार हो गया था। उस समय बदमाशों की गोलियों से हरियाणा पुलिस के चार पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। उसके बाद हरियाणा व राजस्थान पुलिस ने पपला को ईनामी बदमाश घोषित किया था। पपला अपने एक गुर्गें के साथ जो कोर्ट के बाहर पहले से मोटरसाइकिल लेकर खड़ा था, फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने करीब एक महीने बाद ही पपला को छुड़ाने वाले एक गुर्गें पवन को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन इसे पकडऩे में कामयाबी नहीं मिली थी।
जुलाई में हुई थी जसराम गुर्जर की हत्या पुलिस के अनुसार राजस्थान विधानसभा 2018 में अलवर जिले की बहरोड़ विधानसभा सीट से बतौर बसपा प्रत्याशी चुनाव लडऩे वाले जसराम गुर्जर की जुलाई 2019 में लादेन गैंग के बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हिस्ट्रीशीटर जसराम गुर्जर बहरोड़ के गांव जैनपुर का रहने वाला था। गोली लगने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। जसराम की हत्या का आरोप मेवात में सक्रिय लादेन गैंग के विक्रम गुर्जर उर्फ लादेन, पहाड़ी के मामराज, रामवतार सहित आधा दर्जन लोगों पर लगे थे।
हत्या का बदला लेने आया था बहरोड़ सितंबर 2019 में गैंगस्टर पपला गुर्जर अपनी गैंग के करीब एक दर्जन बदमाशों के साथ अलवर जिले के बहरोड़ थाना इलाके में जसराम की हत्या का बदला लेने के लिए आया था। इस दौरान वह बहरोड़ पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। बहरोड़ पुलिस पपला को पकडकऱ थाना तो ले आई, लेकिन 24 घंटे भी हिरासत में नहीं रख सकी। 6 सितंबर 2019 की सुबह पपला गुर्जर के साथी फिल्मी स्टाइल में बहरोड़ पुलिस थाने पर ताबड़-तोड़ फायरिंग करते हुए थाने के लॉकअप में बंद विक्रम उर्फ गैंगस्टर पपला गुर्जर को उसके बदमाश गुर्गें छुड़ा कर फरार हो गए थे।
यहां से पकड़ी अपराध की राह विक्रम उर्फ पपला गांव खैरोली महेन्द्रगढ़ हरियाणा का रहने वाला है। वह पहलवानी का शौक रखता है। करीब छह साल पहले उसके गुरु शक्ति गुर्जर उर्फ दूधिया की रंजिशवश हत्या कर दी गई थी। पपला ने अपने साथी वीरेंद्र के साथ मिलकर गुरु की हत्या का बदला लेने के लिए कसम खाई और अपराध की राह पर चल पड़ा। पपला गैंग पर उसी के गांव में रहने वाले संदीप उर्फ फौजी, उसकी मां विमला, मामा महेश वासी बिहारीपुर और नाना श्रीराम की हत्या का आरोप लगा। उसके खिलाफ महेंद्रगढ़ और नारनौल थाने में हत्या के मामले दर्ज हुए। वर्ष 2010 और 2014 में पपला के खिलाफ गवाहों को धमकाकर केस को खत्म करने के आरोप लगे तो वह हरियाणा के शीर्ष 5 बदमाशों में शुमार होने लगा। पपला को 12 फरवरी 2016 को नारनौल की सीआईए टीम ने अवैध हथियारों सहित दबोचा। गुरु की हत्या का बदला लेने के लिए की चार हत्या के मामले में वह जेल में बंद रहा। 5 सितंबर 2017 को महेंद्रगढ़ न्यायालय में पेशी पर जाते समय उसकी गैंग पुलिस वाहन पर फायरिंग कर उसे छुड़ा ले गई। हरियाणा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की इनाम 1 लाख को बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया था।