
किराना व्यापारी मुकेश गर्ग के हत्यारों का पुलिस शनिवार को ९वें दिन भी सुराग नहीं लगा सकी। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब पुलिस का शक बावरिया गिरोह की ओर है। इसके लिए पुलिस ने चार अतिरिक्त टीमें गठित कर हरियाणा व भरतपुर भेजी हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बदमाशों ने जिस प्रकार व्यापारी की हत्या को अंजाम दिया। इसी तरीके से बावरिया गैंग कई वारदातों को अंजाम दे चुकी है। भरतपुर व उसके आस-पास के क्षेत्र में कई बावरिया गिरोह सक्रिय है, जो लूट, हत्या आदि मामलों में संलिप्त है। पुलिस को शक है कि किराना व्यापारी की हत्या में भी बाबरिया गैंग का हाथ हो सकता है। उधर, मामले के खुलासे में हो रही देरी से नाराज व्यापारियों की २१ मार्च को शाम ५ बजे बैठक होगी, जिसमें आगामी आन्दोलन की रणनीति तय की जाएगी। मामले में शनिवार को जन महादरी इण्डिया की जिला संयोजिका सरोज प्रताप के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भिवाड़ी व खैरथल प्रकरणों में आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अम्बेडकर सर्किल से कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान थाने के सामने प्रदर्शन भी किया गया।
संदिग्धों का स्क्रेच भी हो सकता है जारी
पुलिस मामले में जरूरत पडऩे पर संदिग्ध बदमाशों का स्क्रेच भी जारी कर सकती है। दरअसल, बदमाशों ने रात करीब 8.30 बजे वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान अंधेरा होने से सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों की तस्वीर साफ नहीं आई है। पुलिस के अनुसार बदमाशों ने वारदात से पहले करीब 3 से 3.30 घंटे रैकी भी की। इस दौरान एक बदमाश पैदल-पैदल व्यापारी की दुकान तक भी पहुंचा और सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन देखी। कैमरे में इस बदमाश की तस्वीर भी आई है। इसके आधार पर पुलिस जल्द ही संदिग्ध बदमाशों का स्क्रेच जारी कर सकती है।
सीसीटीवी फुटेज व सूत्र सूचना के आधार पर अनुसंधान जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही अपराधी पुलिस के कब्जे में होंगे।
राहुल प्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक अलवर।
Published on:
18 Mar 2018 06:00 am
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