
श्रीगंगानगर में लॉकडाउन के चलते नई धान मंडी में मजूदर दिवस की पूर्व संध्या पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर ट्रक में गेहूं के थैले भरते श्रमिक। -राजेन्द्रपालसिंह निक्का,श्रीगंगानगर में लॉकडाउन के चलते नई धान मंडी में मजूदर दिवस की पूर्व संध्या पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर ट्रक में गेहूं के थैले भरते श्रमिक। -राजेन्द्रपालसिंह निक्का,श्रीगंगानगर में लॉकडाउन के चलते नई धान मंडी में मजूदर दिवस की पूर्व संध्या पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर ट्रक में गेहूं के थैले भरते श्रमिक। -राजेन्द्रपालसिंह निक्का,श्रीगंगानगर में लॉकडाउन के चलते नई धान मंडी में मजूदर दिवस की पूर्व संध्या पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर ट्रक में गेहूं के थैले भरते श्रमिक। -राजेन्द्रपालसिंह निक्का,श्रीगंगानगर में लॉकडाउन के चलते नई धान मंडी में मजूदर दिवस की पूर्व संध्या पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर ट्रक में गेहूं के थैले भरते श्रमिक। -राजेन्द्रपालसिंह निक्का
सरकारी गोदाम से गेहूं निकाल कर निजी फ्लोर मिल में ले जाकर बेचने की सूचना ने गुरुवार को एमआईए थाना पुलिस और रसद विभाग की मशक्कत करा दी। जांच के बाद मामला झूठा पाया गया।
जिला रसद अधिकारी राहुल राज जादौन ने बताया कि शुक्रवार को एमआईए थाना पुलिस और रसद विभाग को सूचना मिली कि सरकारी गोदाम से एक ट्रक गेहूं निकाल कर एमआईए स्थित एक निजी फ्लोर मिल को बेचा गया है। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस और रसद विभाग की टीम मौके पर पहुंचे। रसद विभाग ने मामले की जानकारी की, जिसमें सामने आया कि करीब 158 क्विंटल गेहूं सरकारी गोदाम से क्रय विक्रय सहकारी समिति खैरथल को अलॉट हुआ था। यह गेहूं को पिसाई कराकर आटे के रूप में लॉक डाउन के दौरान गरीबों में राशन किट के रूप में वितरण किया जाना है। इसके लिए उक्त निजी फ्लोर मिल को टेंडर दिया हुआ है। रसद विभाग ने मामले की पूरी पड़ताल की और संबंधित दस्तावेज जांचें। जिसमें सरकारी गेहूं बेचने की सूचना झूटी निकली। इसके बाद पुलिस और रसद विभाग की टीम वहां से लौट आए।
Published on:
30 Apr 2020 11:11 pm
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