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अलवर रेलवे जंक्शन पर हुआ कुछ ऐसा, जा सकती थी कई जानें

अलवर रेलवे जंक्शन ए श्रेणी का स्टेशन है। लेकिन यहां पर व्यवस्थाओं में दक्षता नहीं है। यहां सोमवार तडक़े बड़ा हादसा होता टल गया।

अलवरDec 26, 2017 / 02:44 pm

Himanshu Sharma

अलवर जंक्शन पर सोमवार तड़ते एक बड़ा हादसा होने से बच गया। दरअसल, जैसे ही अलवर जंक्शन पर सुबह छह बजे के आसपास यात्रियों को ट्रेन नजर आई। उसी समय जंक्शन पर दो बार ट्रेन का प्लेट फार्म बदलने का अनाउंसमेंट हो गया। सैकड़ों यात्री पहले भागते हुए प्लेट फार्म नम्बर एक पर पहुंचे। उसी दौरान ट्रेन दो नम्बर प्लेट फार्म पर पहुंच गई। एेसे में बुजुर्ग, बच्चे व महिलाओं को सामान उठाकर भागना पड़ा। कुछ लोगों की चप्पल रह गई तो, कुछ की ट्रेन छूट गई।

गाड़ी संख्या 19610 हरिद्वार से उदयपुर जाने वाली ट्रेन का अलवर जंक्शन पर पहुंचने का समय सुबह 4.18 बजे हैं। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटा 58 मिनट देरी से चल रही थी। दिल्ली से अलवर आने वाली सभी ट्रेनें प्लेट फार्म नम्बर दो पर आती है। इसलिए यात्री ट्रेन के आने से पहले प्लेट फार्म नम्बर दो पर पहुंच गए। जैसे ही सुबह करीब 6 बजे ट्रेन अलवर जंक्शन पर पहुंचने वाली थी। उसी समय ट्रेन का प्लेट फार्म बदलते हुए एक नम्बर कर दिया गया। उसका अनाउंसमेंट होते ही लोग सामान लेकर प्लेट फार्म नम्बर एक पर पहुंचने के लिए दौड़ लगाने लगे। जैसे ही लोग प्लेट फार्म नम्बर एक पर पहुंचे। उसी समय ट्रेन का प्लेट फार्म फिर से दो नम्बर कर दिया गया।
प्लेट फार्म नम्बर दो के लिए अनाउंसमेंट हुआ। अनाउंसमेंट के समय ट्रेन दो नम्बर प्लेट फार्म पर पहुंच चुकी थी। यात्रियों ने फिर से दौड़ लगाई। कुछ सीधे पटरी कूद कर भागने लगे तो, कुछ ओवर ब्रिज पर दौड़ लगाते हुए नजर आए। इस दौरान अगर दूसरे रेलवे ट्रैक पर कोई ट्रेन आती या अचानक भागदड़ मच जाती तो, बड़ा हादसा हो सकता था।
प्रतिदिन 80 ट्रेनों का होता है ठहराव

 


अलवर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 80 ट्रेनों का ठहराव होता है। इस वजह से स्टेशन पर भीड़-भाड़ रहती है। सोमवार को ट्रेन आते ही दो बार प्लेटफॉर्म बदलने का अनाउंसमेंट हो गया।

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